चिरगांव। बीते दिनों बेतवा नदी में आई बाढ़ के दौरान प्रशासन द्वारा बंद की गई किश्ती सेवा अब तक शुरू नहीं होने से उजयान समेत आसपास के गांवों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पारीक्षा-उजयान के बीच बेतवा नदी पर चलने वाली किश्ती से गरीब मजदूरों के साथ ही विद्यार्थी, ग्रामीण और डाक कर्मचारी आवागमन करते थे। 25 अगस्त से किश्ती बंद होने से अब लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है।
उजयान स्थित डाकघर के कर्मचारी डाक लेने और पहुंचाने के लिए करीब 50 किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय कर रहे हैं। इससे उनका समय और धन दोनों खर्च हो रहे हैं। वहीं, किश्ती बंद होने से विद्यार्थी भी नदी पार कर बड़ागांव पारीक्षा के स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि उजयान व आसपास के गांवों में किसी व्यक्ति के बीमार होने पर समय पर इलाज में भी परेशानी होती है।
उजयान निवासी राजपाल सिंह बुंदेला और पुष्पेंद्र सिंह बुंदेला ने बताया कि उजयान, पठा, पच्चरगढ़, खड़े सर समेत कई गांवों के लोग किश्ती बंद होने से जरूरी कामों के लिए आवागमन नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से जल्द किश्ती सेवा शुरू कराने की मांग की है।