महरौनी (ललितपुर)। किसानों को अतिवृष्टि राहत राशि के चेक वितरण कार्य में सुविधा शुल्क लेना एक लेखपाल को महंगा पड़ गया है। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एसडीएम रमेश चंद्र ने उसे निलंबित कर दिया। साथ ही गांव के एक दलाल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
ग्राम मैनवार में किसानों को अतिवृष्टि के राहत चेक वितरण का कार्य चल रहा था। लेखपाल रामसहाय पाल द्वारा किसानों से चेक के बदले सुविधा शुल्क वसूलने की शिकायत शुक्रवार को जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि बड़े राजा मैनवार ने अनेक ग्रामीणों के साथ एसडीएम से की थी। ग्रामीणों के अनुसार उक्त लेखपाल कभी भी गांव में नहीं आता है। ग्रामीणों का आरोप था कि लेखपाल स्वयं गांव के कुछ दलालों के जरिये किसानों से अवैध उगाही कर रहा है।
मामले को गंभीरता से लेते हुये एसडीएम ने नायब तहसीलदार आनंद कुमार नायक एवं राजस्व निरीक्षक मड़ावरा शिवदत्त सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त करके उक्त ग्राम में भेजा। ग्रामीणों के बयानों के आधार पर आरोपों में सत्यता पाए जाने पर जांच रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने लेखपाल रामसहाय पाल को निलंबित कर दिया। ग्राम मैनवार निवासी गुलाब उर्फ अज्जू के विरुद्ध दलाली की शिकायत मिलने पर उन्होंने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।
गौरतलब है कि किसानों को अतिवृष्टि राहत राशि के चेक वितरण कार्य में कर्मचारियों को लापरवाही कतई नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन इसके बाद भी वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर इससे पहले भी दो लेखपाल निलंबित किए जा चुके हैं।