ललितपुर। तीसरी रेलवे लाइन के निर्माण के लिए पुरातत्व विभाग की मंजूरी न मिलने से काम बढ़ गया है। इस स्थान से घुमाकर पांच किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन बिछाई जानी है। चार गांव में जमीन अधिग्रहण के लिए सर्वे पूरा हो चुका है।
ललितपुर से जाखलौन के मध्य तीसरी रेलवे लाइन का निर्माण दो वर्ष पहले पूरा हो चुका है। इस लाइन पर ट्रेन भी संचालित हो रही हैं। इसके बाद धौर्रा से आगासौद के बीच तीसरी रेलवे लाइन पर काम पूरा होकर ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया था, लेकिन जाखलौन से धौर्रा के मध्य चांदपुर-जहाजपुर क्षेत्र में पुरातत्व स्थल होने के चलते इस क्षेत्र में विभाग की मंजूरी नहीं मिलने से तीन किमी रेल लाइन का निर्माण अधूरा पड़ा है। पीआरओ मनोज कुमार ने बताया कि जाखलौन से धौर्रा के मध्य चांदपुर जहाजपुर पास अधूरी तीसरी रेल लाइन केे निर्माण के लिए करीब पांच किलोमीटर लंबी रेल लाइन घुमाकर निकाली जानी है। सर्वे पूरा कर जमीन चिह्नित कर ली गई है। संवाद