ललितपुर। परिषदीय विद्यालयों में कक्षा दो तक के बच्चों को निपुण बनाने के लिए अब साल में दो बार मूल्यांकन किया जाएगा। इस मूल्यांकन का उद्देश्य कक्षा दो तक के छात्रों को पढ़ने, समझने और गणना में दक्ष करने का है।
बच्चों को भाषा और गणित में दक्ष बनाने के लिए निपुण अभियान चलाया जा रहा है। इसमें विशेष टीएलएम सामग्री के जरिए छात्रों में पढ़ने, समझने और गणना करने का शिक्षण कार्य कराया जाता है। विद्यालयों को निपुण विद्यालय के रूप में विकसित करने के लिए वार्षिक लक्ष्य तय किए गए है। इसमें हर एक स्कूल में कम से कम 80 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य है। सभी खंड शिक्षा अधिकारी अपने क्षेत्र के एक स्कूल को आदर्श विद्यालय बनाएंगे। अब निपुण विद्यालयों का साल में दो बार मूल्यांकन किया जाएगा। यह मूल्यांकन डायट स्तर पर होगा और इसे प्रशिक्षण प्राप्त डीएलएड प्रशिक्षुओं के द्वारा किया जाएगा।
विद्यालयों में पाठ्यपुस्तक के साथ वर्क बुक, मैथ चार्ट और भाषा किट का उपयोग किया जाएगा। छात्र-छात्राओं में तर्क विकसित किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रणवीर सिंह ने बताया कि निपुण भारत मिशन के तहत डीएलएड प्रशिक्षु के द्वारा बच्चों का निपुण मूल्यांकन किया जाएगा। इसके साथ एआरपी भी अपने क्षेत्र के विद्यालयों को निपुण बनाने में मदद करेंगे। इसके लिए सभी को निर्देशित कर दिया गया है।