ललितपुर। टेंडर में हो रही देरी से परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को समय से स्वेटर वितरित नहीं हो पा रहे हैं। 25 नवंबर को इसका टेंडर खुलेगा। इससे पहले दो बार टेंडर निरस्त हो चुका है। इस मामले में मुख्य सचिव ने जांच के निर्देश दिए हैं। लेकिन, जिले के अफसर इस मामले से पल्ला झाड़ते दिख रहे हैं।
जिले के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत 1 लाख 74 हजार 197 बच्चों को स्वेटर वितरित किया जाना है। मुख्य सचिव ने नवंबर में बच्चों को स्वेटर वितरित करने के निर्देश दे रखे हैं। लेकिन, स्वेटर का टेंडर अभी तक नहीं हो पाया है। टेंडर में कोई न कोई कमी रहने के कारण इसे दो बार निरस्त करना पड़ा है। बीते दिनों जब मुख्य सचिव वीडियो कांफ्रेसिंग कर स्वेटर वितरण के निर्देश दे रहे थे, उसी दौरान डीएम योगेश कुमार शुक्ल ने सारी स्थिति से अवगत करा दिया था। इस पर मुख्य सचिव ने टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए थे। बताया गया कि पहली बार टेंडर डालने वाले ठेकेदारों में अधिकतर पात्रता पूरी नहीं कर पाए थे। इस कारण दूसरी बार निकाला गया। इस प्रक्रिया में 49 फार्म डाले गए थे, जांच में तीन ही दावेदार शेष रह गए थे।
जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ला ने इस टेंडर में प्रतिस्पर्धी की संख्या कम देख उसे निरस्त कर दिया था। इसमें यह आरोप लग रहे हैं कि विभागीय अफसर चहेते ठेकेदार को लाभ पहुंचाना चाहते थे, जिससे ठेकेदारों की संख्या कम रह गई थी। हालांकि, इसमें एक नया तथ्य सामने आया है कि 11 नंवबर को टेक्निकल विड खोली गई थी। इसका प्रस्तुतीकरण बीएसए द्वारा किया गया। बीएसए मनोज कुमार वर्मा अवकाश पर गए थे। उन्होंने प्रभारी बीएसए राजकुमार पुरोहित को एक पत्र लिखा था। इसमें कहा गया कि जेम पोर्टल के माध्यम से जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विड प्रकाशित की जा चुकी है। तीन अक्तूबर को गठित समिति के समक्ष विड दोपहर बारह बजे खोली जानी है। जैम पोर्टल पर स्वेटर खरीद के लिए रजिस्टर्ड लॉगिन आईडी एवं ई टेंडर के लिए डोंगल के प्रयोग किए जाने संबंधी समस्त कार्रवाई के लिए खंड शिक्षा अधिकारी महरौनी राजकुमार पुरोहित को अधिकृत किया जाता है।
पूर्व का टेंडर निरस्त होकर स्वेटर का नया टेंडर खुलने जा रहा है। जो टेंडर निरस्त हो गया है तो न तो उसमें किसी को लाभ मिला है और न ही कोई गबन हुआ है। टेंडर प्रक्रिया में कुछ भी गलत नहीं हुआ है।
- मनोज कुमार वर्मा, बीएसए