संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। आवारा कुत्तों का प्रकोप जारी है। बीते छह माह में कई लोगों को शिकार बनाया। मेडिकल कॉलेज के आंकड़ों के अनुसार पांच माह में 1870 लोगों को एंटी रैबीज का इंजेक्शन दिया गया। इनमें 1744 कुत्ते, 37 बिल्ली व 46 बंदर और अन्य के 51 लोग शिकार हुए। बीते दो माह में कुत्तों के काटने वाले मरीजों की संख्या में गिरावट आई है।
अस्पतालों में आए दिन एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए मरीज पहुंच रहे हैं। शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र सभी जगहों गली व चौराहों पर कुत्तों के झुंड नजर आते हैं। इससे लोग ही नहीं बच्चे तक रास्तों में निकलने से कतराते हैं। कई तो बाइक और कार तक पर भौंकते हैं, कुछ तो दौड़कर पीछे तक भागते हैं। इस दौरान कई को काट लेते हैं। बंदर व बिल्ली के काटने के मामले भी सामने आ रहे हैं। कई को तो गंभीर चोट तक आ जाती है।
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यह है पांच माह का आंकड़ा
माह - कुत्ता - बंदर - बिल्ली - अन्य - कुल
जनवरी - 402 - 08 - 08 - 10 - 428
फरवरी - 391 - 07 - 08 - 10 - 416
मार्च - 361 - 06 - 11 - 08 - 386
अप्रैल - 332 - 09 - 10 - 12 - 363
मई - 261 - 07 - 09 - 11 - 277
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एंटी रैबीज लगवाने का समय
जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार पांच माह में 1870 लोग कुत्ते, बिल्ली व बंदर समेत अन्य जानवरों के काटने के शिकार हुए। इनके काटने पर संंबंधित व्यक्ति को चार इंजेक्शन लगवाने पड़ते हैं। पहला इंजेक्शन लगने के बाद तीसरे दिन, सातवें दिन, व 28वें दिन लगता है।
- जिला चिकित्सालय में पर्याप्त मात्रा में एंटी रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध है। जरूरत के अनुसार डिमांड भेजकर मंगा लिए जाते हैं। इसकी कमी नहीं होने दी जाती है।
-डॉ. मीनाक्षीसिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक।