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Lalitpur News: आवारा कुत्तों ने छह माह में 1665 लोगों को काटा

Tue, 08 Aug 2023 12:22 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
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नगर पालिका प्रशासन ने कहा-उन्हें कुत्ते पकड़ने का अधिकार नहीं, आए दिन लोग बन रहे इनका शिकार
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में आवारा कुत्तों का आतंक हो गया है, इन कुत्तों ने विगत छह माह में 1665 लोगों को शिकार बनाया है। दो दिन पहले ही कुत्तों ने एक बच्चे का मुंह नोंच खाया। वह दर्द से कराह रही है, आए दिन कई लोग कुत्तों का शिकार बन रहे हैं लेकिन, नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि उन्हें कुत्ते पकड़ने का अधिकार नहीं है।
जनपद में इन दिनों शहरी व ग्रामीण इलाकों में आवारा कुत्तों ने आतंक मचा रखा है। हर गली हर मोड़ पर दिन रात कुत्तों के झुंड दिखते हैं। कुत्ते जहां बच्चों और बुजुगोंर् पर तेजी से झपटते हैं वहीं बाइक और कार सवारों को भी दूर तक दौड़ा लेते हैं। कई बार इनकी चपेट में आए या इनसे डर कर भागे लोग चोटिल हो जाते हैं। कई को तो गंभीर चोट तक आ जाती है।
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विगत छह माह के सरकारी अस्पताल के आंकड़ों पर नजर डाले तो प्रतिमाह लगभग ढाई सौ से तीन सौ लोग इन कुत्तों की शिकार हुए हैं, इनमें बच्चे और बूढ़े भी शामिल हैं। इन कुत्तों के शिकार लोगों को चार इंजेक्शन लगवाने पड़ते हैं, यह इंजेक्शन पहले, तीसरे, सातवें व 28वें दिन लगता है।
सरकारी आंकड़े पर नगर डालें तो अभी तक 1665 लोग पिछले छह महीने में कुत्तों के शिकार हो गए हैं। फरवरी में 243, मार्च में 262, अप्रैल में 250, मई में 275, जून में 296, जुलाई में 274 लोगों को इन कुत्तों ने शिकार बनाया, तो वहीं अगस्त पहले सप्ताह में करीब 65 लोग इन कुत्तों के शिकार हो चुके हैं।
प्रतिदिन आ रहे दस मरीज
जिला अस्पताल के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रतिदिन करीब दस मरीज अस्पताल में आ रहे हैं। प्रति मरीज को एंटी रेबीज का दो एमएल का डोज लगाया जाता है। इनमें कई लोग बुरी तरह जख्मी होते हैं।

नगर पालिका प्रशासन को नहीं आवारा कुत्ते पकड़वाने का अधिकार
नगर पालिका प्रशासन को आवारा कुत्तों के खिलाफ अभियान चलाने का कोई अधिकार नहीं है। अधिशासी अधिकारी निहाल चंद्र ने बताया कि पालतू कुत्तों का पंजीकरण नगर पालिका में होता है अब तक करीब 10 पंजीकरण हो चुके हैं।
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जिला चिकित्सालय में पर्याप्त मात्रा में एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध हैं, इनकी लगातार डिमांड भेजकर मंगा लिया जाता है। इसलिए कमी नहीं आती है। -डॉ. राजेंद्र प्रसाद, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक।
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