ललितपुर। गल्ला व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री के नाम एक ज्ञापन मंगलवार को डीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें स्टॉक लिमिट कानून पर आत्ममंथन करने व अनावश्यक कानून तुरंत समाप्त करने की मांग की है।
भारत सरकार द्वारा 2 जुलाई 2021 को दलहन पर स्टॉक लिमिट का गजट जारी कराया गया है। व्यापारियों का कहना है कि इससे देश के थोक, फुटकर व्यापारी एवं दाल मिलों के समक्ष संकट खड़ा हो गया है। देश में दालों की कीमतें बढ़ रही हैं, उनका कहना है कि अब सभी व्यापारियों को अपने स्टॉक को पोर्टल पर पंजीयन करवाकर स्टॉक संबंधी जानकारी साप्ताहिक आधार पर देना है। इस कानून में दाल (मूंग को छोड़कर) के थोक और रिटेल व्यापारी के अलावा आयात के लिए स्टॉक सीमा प्रभावी की गई है।
वहीं, थोक विक्रेता के लिए स्टॉक सीमा 200 मीट्रिक टन (जिसमें एक किस्म की मात्रा 100 मीट्रिक टन) लागू करते हुए प्रभावी की गई है जबकि खुदरा विक्रेता के लिए सीमा 5 मीट्रिक टन रखी गई है। मंत्रालय द्वारा जारी किया आदेश न तो व्यापारी व उद्योग के हित में है और न ही किसान के हित में है। सरकार को इस कानून पर पुन: आत्ममंथन करना चाहिए, साथ ही अनावश्यक कानून को तुरंत समाप्त करने की मांग की। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि भारत सरकार द्वारा इस कानून समाप्त नहीं किया गया तो देश के गल्ला थोक व्यापारी, दाल मिल देश में आंदोलन को विवश होंगे।
ज्ञापन पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र मयूर, महामंत्री अनिल अंचल, व्यापार मंडल अध्यक्ष अशोक अनौरा, मंत्री संजीव जैन कप्तान, संतोष साहू, प्रसन्न जैन, सनत जैन मंडी बामौरा, अरविन्द कुम्हेडी, राजू मड़ावरा, प्रमोद गुप्ता, भरत पुरोहित, अतुल जैन गब्बर, अंतू अन्नपूर्णा, रामस्वरूप साहू, लक्ष्मी नारायण साहू, महेश जैन मोनू, गौरव जैन टोनू, सौरभ जैन सेरोनजी, जैकी जैन, पंकज गदोरा, मूलचंद साहू, शुभेन्दु जैन, अरविंद साहू, अमित जैन अंतू, राजेश केलगुआ, ओम गुप्ता, सौरभ जैन पीलू आदि व्यापारियों के हस्ताक्षर अंकित हैं।