ललितपुर। वर्षों पुरानी बावड़ी शहर की पेयजल समस्या के निदान में सहायक बनेगी। नगर पालिका परिषद ने जल संस्थान के अधिकारियों से मिलकर पेयजल समस्या से निपटने की रणनीति बनाई है। यदि सबकुछ ठीक रहा तो मोहल्ला चौबयाना, रैदासपुरा में बावड़ी से जलापूर्ति की जाएगी।
शहर के सबसे पुराने मोहल्लों में पेयजल समस्या बनी रहती है। इनमें मोहल्ला चौबयाना, रैदासपुरा, श्रद्घानंदपुरा, पुरानी बजरिया आदि शामिल हैं। इन क्षेत्रों में करीब 10 हजार से ज्यादा लोग रहते हैं। यहां संकरी पाइपलाइनें एवं ऊंचाई वाला क्षेत्र होने के कारण आए दिन पेयजल की समस्या बनी रहती है। गर्मियों के दिनों में यहां भीषण पेयजल संकट हो जाता है। मोहल्ला रैदासपुरा में हैंडपंप भी जवाब दे जाते हैं। जल संस्थान धन के अभाव में इस क्षेत्र की समस्या का निराकरण नहीं कर पा रहा है। वर्तमान में नगर पालिका परिषद के पास 15वें वित्त आयोग में पर्याप्त धन उपलब्ध है, जिससे पेयजल पर खर्च किया जाना है। इसे ध्यान में रखकर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी निहालचंद्र ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता से पेयजल की समस्या के निदान को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन मोहल्लों में बावड़ी हैं, जिनमें पानी की उपलब्धता बनी हुई है। यदि इसे उपयोग में लिया जाए तो क्षेत्र की पेयजल समस्या का हल हो सकता है। इस पर जल संस्थान के अधिकारियों ने बावड़ी में उपलब्ध पानी और मोहल्ले में पानी की आवश्यकता का पता कर आगे कार्रवाई बढ़ाने का भरोसा दिया। इससे मोहल्ला चौबयाना, रैदासपुरा, श्रद्घानंदपुरा, मऊठाना, रावरपुरा की पेयजल की समस्या के निदान की संभावना बढ़ गई है।
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पूर्व में प्रयोग हुआ था फेल
वर्षों पहले जल निगम ने बावड़ी के पानी को टंकी में एकत्रित कर उससे जलापूर्ति करने की योजना बनाई थी। इस पर नगर पालिका बालिका इंटर कॉलेज की बावड़ी की सफाई कराकर उसमें पाइपलाइन और मोटर लगाई थीं। इसी तरह मोहल्ला रामगनर में पानी उठाने का सिस्टम फिट किया गया। दोनों ही जगह गर्मी के सीजन में पानी की मात्रा कम हो गई, जिससे आपूर्ति संभव नहीं हो सकी। अब एक बार फिर नए सिरे से कवायद की जा रही है।
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पहले यह देख लिया जाएगा कि बावड़ी में पानी की मात्रा पर्याप्त है या नहीं। इसके उपरांत ही बावड़ी के पानी का उपयोग पेयजल में किया जाएगा। निहालचंद्र अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद