ललितपुर। शहर में बिजली व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए लागू की गई योजना के कार्य अधूरे पड़े हैं, जिससे उपभोक्ताओं को भुगतान करने के बाद भी बिजली का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बिजली चोरी पर भी विभाग द्वारा अंकुश नहीं लगाया जा सका है।
शहर में 95 नये ट्रांसफार्मर लगाने के बाद भी ओवरलोड की समस्या से निजात नहीं मिल सकी है, जिससे आए दिन फाल्ट होने के कारण घंटों बिजली आपूर्ति ठप बनी रहती है। इससे भी बुरा हाल ग्रामीण क्षेत्रों का है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा लागू की जाने वाली करोड़ों रुपये की योजनाओं का लाभ लेने का ग्रामीण बाट जोह रहे हैं।
ओवरलोड कम करने और विद्युत चोरी रोकने के लिए नगर में बिछाई जाने वाली बंच केबल का कार्य दो वर्ष बाद भी पूर्ण नहीं हो सका। यहां तक कि अब तक शहर में किसी भी फीडर पर पूर्ण रुप से बंच बिछाने का कार्य पूरा नहीं किया जा सका है और न ही विद्युत चोरी रोकने के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा अंकुश लगाया जा सका है। इससे जहां बंच केबल बिछाने में लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं, वहीं विभाग को भी विद्युत चोरी होने से हर माह लाखों रुपए का राजस्व का नुकसान हो रहा है।
शोपीस बने कैपेसिटर बैंक
ललितपुर। नगर के बिजली सब स्टेशनों के ट्रांसफार्मरों पर बिजली के लोड के उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए लाखों रुपये की लागत से स्थापित किए गए कैपेसिटर बैंक शोपीस बने हुए हैं। एक वर्ष बीतने के बाद भी कैपेसिटर बैंक को अब तक चार्ज नहीं किया जा सका है। यह कार्य एक कार्यदाई संस्था द्वारा किया जा रहा है। एक सब स्टेशन पर एक कैपेसिटर बैंक 15 से 16 लाख रुपये की लागत से स्थापित कराया गया है। इस तरह के तीन कैपेसिटर बैंक यहां पर लगाए गए हैं, लेकिन यह कैपेसटिर बैंक शोपीस बने हुए हैं।
95 ट्रांसफार्मर नहीं दिला सके निजात
ललितपुर। शहर में ओवरलोड से निजात दिलाने के लिए विभिन्न गली-मुहल्लों व मुख्य सड़कों पर लगाए गए 100 केवीए के 95 अतिरिक्त ट्रांसफार्मर भी ओवरलोड की समस्या से निजात नहीं दिला पा रहे हैं। कार्यदाई संस्था द्वारा डेड़ वर्ष बाद भी उक्त ट्रांसफार्मर विभाग को नहीं सौंपे गए हैं।
तीन से पांच बार फुंके ट्रांसफार्मर
ललितपुर। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न स्थानों पर स्थापित अलग-अलग क्षमताओं के एक वर्ष की गारंटी वाले ट्रांसफार्मर एक माह में ही तीन से चार बार खराब हो जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बार-बार परेशान होना पड़ रहा है, वहीं विभाग को भी हर माह लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, रिपेयर ट्रांसफार्मर की गुणवत्ता भी ठीक नहीं होने से सुचारु विद्युत आपूर्ति नहीं हो पा रही है। कई गांव में तो कई सप्ताह तक बिना बिजली के ही रहना पड़ता है। अगस्त से अब तक अस्सी ट्रांसफार्मर खराब हो चुके हैं।
नहीं मिला छह माह से मानदेय
ललितपुर। बिजली विभाग की रीढ़ कहे जाने वाले संविदा पर कार्यरत 112 लाइनमैन व अन्य विद्युत कर्मियों को छह माह से मानदेय नहीं मिल सका है। इससे उनके सामने भरण-पोषण का संकट गहरा गया है। कई बार विभागीय अधिकारियों व ठेकेदारों से मांग करने और हड़ताल करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
आज आएंगे एमडी बिजली
ललितपुर। बिजली विभाग के प्रबंध निदेशक प्रभु एन सिंह शुक्रवार को जिले के दौरे पर आ रहे हैं। वह शताब्दी एक्सप्रेस से करीब पौने 12 बजे आएंगे। वह किसी एक सब स्टेशन का निरीक्षण करेंगे तथा बिजली चेकिंग अभियान चेक कर सकते हैं।