ललितपुर। विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करने आए पर्यवेक्षकों के सामने सपा संगठन की पोल खुल गई। गुटबाजी और जिलाध्यक्ष की शिकायतों से आहत पर्यवेक्षक नाराज होकर कार्यकर्ताओं की बैठक से यह कहकर चले गए कि जिले में सपा संगठन शून्य है। उनकी नाराजगी का आलम यह था कि वह बिना भोजन किए ही जिले से चले गए। उन्होंने टीकमगढ़ में जाकर खाना खाया।
विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करने आए एमएलसी बनवारी यादव व एमएलसी रमेश मिश्रा ने सर्किट हाउस में पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं से मुलाकात की, तो संगठन की स्थिति सामने आ गई। स्थानीय नेताओं ने जिलाध्यक्ष आल्हा प्रसाद निरंजन की कार्यप्रणाली की शिकायतें की। जमकर मिलीं शिकायतों को लेकर पर्यवेक्षकों ने जिलाध्यक्ष से जवाब तलब किया। जिलाध्यक्ष की सफाई से पर्यवेक्षक असंतुष्ट नजर आए। कमरे से निकलकर पर्यवेक्षकों ने सर्किट हाउस के बाहर खड़े कार्यकर्त्ताओं से बात करते हुए जनपद में पार्टी के संगठन को शून्य बताया। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्त्ता लाल सिंह यादव ने खुले तौर पर पार्टी संगठन की गतिविधियों की शिकायत पर्यवेक्षकों से की। उन्होंने बताया की पार्टी के जिम्मेदार नेता हर विभाग से ठेके ले रहे हैं और भाजपा व बसपा नेताओं के परिचितों को बेच रहे हैं, जिससे जनता में पार्टी की छवि खराब हो रही है।
चुनावी तैयारियों के बजाए संगठन की कार्यप्रणाली की शिकायतें से नाराज दोनों पर्यवेक्षक सर्किट हाउस में खाना छोड़कर सीधे महरौनी के लिए रवाना हो गए, लेकिन महरौनी में भी कार्यक्रम स्थल व व्यवस्थाओं से नाराज होकर कम समय में टीकमगढ़ होते हुए मऊरानीपुर रवाना हो गए। दोनों ने टीकमगढ़ में खाना खाया।
मीडिया से दूर रखा पर्यवेक्षकों को
पार्टी की कमजोरी पर्यवेक्षकों को पता न चले इस फेर में पत्रकार वार्ता का आयोजन नहीं किया गया। पर्यवेक्षकों ने संगठन के नेताओं को इस बात पर कड़ी फटकार लगाते हुए बताया कि मीडिया से रूबरू नहीं होंगे, तो पार्टी व सरकार की बात जनता तक कैसे पहुंचाएंगे। इसके अलावा समीक्षा बैठक में केवल गिने चुने नेता व कार्यकर्त्ताओं को ही बुलाया गया था। कार्यकर्ताओं की संख्या में कमी पर भी उन्होंने नाराजगी व्यक्त की।
जीत सकते हैं बशर्ते...
पर्यवेक्षकों द्वारा समीक्षा बैठक में एक ही बात निकलकर सामने आयी, कि पार्टी जनपद में दोनों सीटों को जीत सकती है। बशर्ते पार्टी संगठन की आपसी फूट खत्म होकर एकजुटता से चुनाव प्रचार में सभी जुट जाएं। नेताओं ने बताया कि पार्टी की स्थिति मजबूत है, लेकिन पार्टी संगठन की धीमी गतिविधियों के कारण चुनाव प्रचार जोर नहीं पकड़ पा रहा है और न ही प्रत्याशी आमजन में कोई सफल संदेश छोड़ पा रहे हैं।
डैमेज कंट्रोल की कोशिश पड़ी भारी
दोनों पर्यवेक्षक पार्टी नेताओं से मिलने के बाद नाराज होकर सीधे महरौनी के लिए रवाना हो गए। महरौनी में जिलाध्यक्ष के प्रतिष्ठान पर बैठक का आयोजन किया गया था। वहां पर पर्यवेक्षकों से मिलने वालों का चयन जिलाध्यक्ष द्वारा ही किया गया। निजी प्रतिष्ठान व चुनिंदा नेताओं से ही मुलाकात कराने की जानकारी डैैमेज कंट्रोल की कोशिशों पर भारी पड़ गई, जिससे महरौनी में पर्यवेक्षकों ने केवल बीस मिनट में अपनी बैठक खत्म कर दी और निकल लिए।
अमर उजाला की खबर की रही चर्चा
सोमवार को अमर उजाला ने सपा के प्रत्याशी फाइनल, प्रचार ठप शीर्षक से सपा पार्टी की कार्यप्रणाली को उजागर किया था। अमर उजाला की खबर को लेकर भी पर्यवेक्षकों द्वारा संज्ञान में लिया गया और इस खबर की चर्चा पूरी बैठक में रही।