ललितपुर। नगर में केवल नगर पालिका द्वारा डाली गई ऊंचाई वाली सीमेंट सड़कें ही मुसीबत का कारण नहीं बन रही बल्कि लोक निर्माण विभाग भी इसमें शामिल हो गया है। कैलगुंवा तिराहे से हाईवे की ओर जाने वाले पर मार्ग पर सीसी का निर्माण होने से सड़क की ऊंचाई एक फुट से अधिक बढ़ गई है।
सड़क के दोनों तरफ समतलीकरण व नाली नहीं होने के कारण बारिश का पानी स्थानीय लोगों की दुकानों व घरों में भर रहा है, इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय मवेशी बाजार में स्थित कैलगुंवा तिराहे से नेशनल हाईवे की ओर जाने वाले मार्ग पर करीब एक सैंकड़ा दुकानें व मकान बने हुए हैं। विगत एक वर्ष पूर्व इस मार्ग पर लोक निर्माण विभाग द्वारा सीमेंट सड़क का निर्माण कराया गया था। सड़क की ऊंचाई एक फुट से अधिक होने के कारण सड़क के दोनों ओर गहराई अधिक हो गई है। बरसात का पानी सड़क से उतरकर सड़क के दोनों ओर बनी दुकानों व मकानों के भीतर घुस रहा है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा उक्त सड़क के किनारे दोनों ओर की पट्टी का समतलीकरण मानकों के अनुसार नहीं कराया गया है। इस कार्य में विभाग के ठेकेदार व अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरती गई है।
खुद बना रहे हैं व्यवस्था
दुकानों व घरों में हो रहे जलभराव की समस्या के निस्तारण के लिए कई बार स्थानीय लोगों व दुुकानदारों द्वारा जिला प्रशासन से मांग की गई है, लेकिन पिछले एक वर्ष से अब तक कोई समाधान नहीं निकाला गया है। प्रशासन की ओर से कोई मदद होते नहीं देख दुकानदारों व मकान स्वामियों ने खुद ही आगे आकर अपनी समस्या से निपटने की जुगत बनानी शुरू कर दी है। लोगों ने अपने मकान व दुकानों के सामने स्थित फुटपाथ का समतलीकरण करा लिया है। लेकिन पुराने बने मकान व दुकानों की गहराई अधिक होने के कारण उनको समस्या से निजात नहीं मिल पर रही है।
खड़ी हो रही विवाद की स्थिति
यहां रहने वाले लोग अपनी हैसियत के अनुसार अपने घर व दुकान के सामने का फुटपाथ बना रहे हैं, पैसे वालों ने पक्का और सीमेंट का प्लेटफार्म बना लिया व कुछ लोग स्वयं ही अपने घरों व दुुकानों के सामने मिट्टी डालकर अपना बचाव कर रहे हैं। फुटपाथ बनाने व नहीं बनाने वाले के बीच अब विवाद की स्थिति खड़ी होने लगी है। जिन लोगों ने फुटपाथ नहीं बनाया है, उनके घरों व दुकानों में पहले से अधिक पानी भरने लगा है। विगत कुछ दिन पूर्व इसी बात को लेकर दो पड़ोसी दुकानदारों में विवाद हो गया था।
जलनिकासी के लिए नहीं कोई व्यवस्था
यहां पर पानी की निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। सड़क के दाएं ओर नगर पालिका द्वारा वर्षों पूर्व नाली का निर्माण कराया गया था। वर्षों पुरानी यह नाली कई स्थानों से टूट गई हैं व चोक भी हो गई हैं। नाली पर स्थानीय दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण भी कर लिया गया है। बरसात के पहले नगर पालिका द्वारा शहर की नाली-नालों की सफाई कराई गई थी, लेकिन यहां की नाली सफाई अभियान से अछूती रहीं। वहीं सड़क के दूसरी ओर नगर पालिका द्वारा नाली की कोई व्यवस्था नहीं कराई गई है। इस ओर रहने वाले लोगों ने खुद ही अपने पैसों से पानी की निकासी के लिए नाली का निर्माण कराया है। उक्त नाली भी काफी पुरानी होने के कारण जर्जर हो चुकी है। यहां रहने वाले करीब एक सैकड़ों लोगों व दुकानदारों का समस्या झेलनी पढ़ रही है। गौरतलब है कि इसी जगह पर बनी एक निजी कालोनी में नगर पालिका अध्यक्ष का आवास भी है, इसके बावजूद लोगों की समस्या का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
सड़क की ऊंचाई बढ़ने के कारण जलभराव की स्थिति बनने लगी है, पुराने दुकानदारों को अधिक समस्या हो रही है, क्योंकि दुकान की ऊंचाई कम होने से जलभराव अधिक हो रहा है। दुुकान की ऊंचाई भी नहीं बढ़ाई जा सकती है।
पुष्पेंद्र मोदी, किराना व्यापारी
जलभराव की भारी समस्या है, विगत एक वर्ष से यह समस्या अधिक हो गई है। पानी की निकासी के लिए नगर पालिका द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की गई है। यदि नाली का निर्माण करा दिया जाए तो काफी हद तक समस्या से निजात मिल सकती है।
-नरेंद्र साहू, खाद-बीज व्यापारी
फुटपाथ के समतलीकरण व पानी की निकासी के लिए नाली का निर्माण कराने की कई बार मांग की गई है, लेकिन अधिकारियों द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसलिए स्वयं ही मिट्टी डालकर पानी के बहाव को रोकने के लिए प्लेटफार्म बनाया है।
बाबूलाल झां, बैल्डिंग वर्क्स व्यापारी
कैलगुंवा तिराहे से नेशनल हाइवे तक सड़क के दोनों ओर नाली बनाने के लिए नगर पालिका जेई द्वारा नापजोख पूर्व में कर ली गई है और नाली बनने का प्रस्ताव भी बोर्ड में पास हो चुका है। बजट आते ही नाली के निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।
रामसेवक प्रजापति, वार्ड नंबर 11 पार्षद