ललितपुर। दैवीय आपदा जहां किसानों को बरबाद कर रही है, वहीं सूदखोर किसानों से मनमाना ब्याज वसूल कर मालामाल हो रहे हैं। जिलाधिकारी ने शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए सूदखोरों पर शिकंजा कसने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
जिले भर में 92 पंजीकृत साहूकार हैं, जो ब्याज पर रकम देते हैं। सरकार द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की गई है। लेकिन, पिछले तीन साल से दैवीय आपदा से जूझ रहे किसानों को केसीसी का कर्ज चुका पाना मुश्किल पड़ रहा है। मजबूरन वह, साहूकारों से कर्ज ले रहे हैं। पिछले दिनों जिला प्रशासन ने थानों के माध्यम से सर्वे कराया था। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि महरौनी व मड़ावरा क्षेत्र में कुछ साहूकार 10 से 20 रुपये प्रति सैकड़ा के हिसाब से ब्याज वसूलते हैं। किसान और गरीब के पास पैसा नहीं होने पर उनकी जमीन को कब्जे में ले लेते हैं। साथ ही बैनामा भी करा लिया जाता है। सूची में करीब 25 साहूकारों के नाम हैं, जो ब्याज पर कर्ज देते हैं।
भूमाफिया कर रहे सूदखोरी
भूमाफिया जिले में सूदखोरी कर रहे हैं। यह मौके की जमीन वाले ग्रामीणों को लक्ष्य बनाकर पहले उन्हें ब्याज पर धनराशि मुहैया कराते हैं। इसके बाद कर्ज नहीं चुकाने वाले किसानों की जमीन यह कौड़ियों के भाव खरीद लेते हैं।
दो दर्जन सफेदपोश चिह्नित
पुलिस ने दो दर्जन से अधिक सफेदपोश साहूकारों को चिह्नित किया है। इनके खिलाफ बड़े पैमाने पर ब्याज वसूलने की शिकायतें है। यह लोग किसी न किसी राजनीतिक दल से जुड़े हैं। वहीं, एक सैकड़ा साहूकारों के नाम भी प्रकाश में आए हैं। इनमें दो दर्जन से अधिक ऐसे सूदखोरों को चिह्नित किया गया, जो ग्रामीणों की मजबूरी का फायदा उठाकर 10 से 20 फीसदी ब्याज वसूलते हैं। ब्याज में असमर्थ कर्जदारों की भूमि अथवा मकान पर कब्जा कर लिया जाता है।
सभी एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि वह सूदखोरों के खिलाफ छापामार कर पूरी रिपोर्ट तैयार करें। इस रिपोर्ट के आने के बाद सूदखोरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनका मकसद है गरीब किसान के साथ किसी तरह की जोर जबरदस्ती न हो और उनसे मनमाना ब्याज न वसूला जा सके। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसान बैंक से अपनी जरूरत पूरी कर सकते हैं।
- डा. रूपेश कुमार, जिलाधिकारी