शहर के मुहल्ला तालाबपुरा में जहां बृहस्पतिवार को हाईवोल्टेज करंट दौड़ने से हजारों रुपये के बिजली उपकरण खराब हो गए हैं, तो वहीं बांसी विद्युत सब स्टेशन से जुड़े करीब एक दर्जन गांव में तीन दिन से अंधेरा पसरा हुआ है। विभागीय लापरवाही से ग्रामीणों को बिना बिजली के उमस भरी गरमी में परेशान होना पड़ रहा है।
बाईपास स्थित 33 केवी सब स्टेेशन में स्थापित फीडर नंबर दो के अंतर्गत शहर के मुहल्ला चौबयाना में सटक चौराहा से बड़ा मंदिर की ओर वाली गली में बुधवार की रात डेढ़ बजे अचानक एलटी विद्युत लाइन का न्यूट्रल तार टूट गया, जिससे कई घरों में हाईवोल्टेज करंट दौड़ गया। इसके कारण कई उपभोक्ताओं के हजारों रुपये के विद्युत उपकरण खराब हो गए। श्रीप्रकाश चौबे और प्रधान उमाशंकर चौबे का इंवर्टर फुंक गया। वहीं, कपिल चौबे का कूलर खराब हो गया।
जबकि कई अन्य उपभोक्ताओं के पंखे व टीवी फुंक गए। बताया गया कि बारिश व हवा के कारण न्यूट्रल लाइन का तार टूटने से यह हुआ है। वहीं, तालाबपुरा में बुुधवार की देर शाम पौने सात बजे 100 केवीए के ट्रांसफार्मर की 11 हजार केवी की बंच केबल बर्स्ट हो गई, जिससे करीब एक सैकड़ा उपभोक्ताओं की बिजली गुल हो गई। जानकारी मिलने पर विद्युत कर्मियों ने मुआयना किया, जिसके बाद उक्त ट्रांसफार्मर से बिजली काटकर बाकी फीडर की बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी गई। दूसरे दिन दोपहर में उक्त केबल बदलने का कार्य शुरू किया गया। हालांकि बृहस्पतिवार को देर शाम तक केबल बदलने का कार्य जारी था। ऐसे में उपभोक्ताओं को 12 घंटे से अधिक बिना बिजली के ही रहना पड़ा।
वहीं, बांसी विद्युत सब स्टेशन के अंतर्गत लखनपुरा फीडर के एक दर्जन से अधिक गांव की बिजली आपूर्ति तीन दिन से बाधित चल रही है। ग्रामीणों को अंधेरे में रहना रहा है। तीन दिन पूर्व आई आंधी में विद्युत पोल टूटने पर बिजली बाधित हुई थी, लेकिन खंभा जुड़ने के दो दिन बाद भी बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हो सका। बताया गया कि विभागीय अधिकारियों द्वारा किसी बात को लेकर पुराने लाइनमैन को शटडाउन देने से मना कर दिया गया और नए लाइनमैन को उक्त फीडर की जिम्मेदारी सौंपी गई।
लेकिन नये लाइनमैन उक्त फीडर में ह़ुए फाल्ट को नहीं खोज सके हैं, जिससे इन गांवों में तीन दिन से ब्लैक आउट की स्थिति बनी हुई है। उक्त फीडर के अंतर्गत ग्राम बस्तरावन, टोड़ी, डुलावन, गदयाना, देवरान, खजरा, कारीटोरन, बरखिरिया, इमलिया समेत एक दर्जन से अधिक गांव में बिजली संकट बना हुआ है। इससे ग्रामीणों में रोष है।