बिजली के अभाव में प्रमुख सरकारी भवनों को रात्रि के समय रोशन रखने के लिये सरकार द्वारा लाखों रुपया खर्च करके सोलर सिस्टम लगाकर रोशनी की व्यवस्था की गई है, इसी क्रम में कसबा के विकासखंड परिसर ,तहसील परिसर, के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में सोलर सिस्टम लगाए गए हैं, लेकिन इन सरकारी भवनों एवं परिसर में रात भर उजाला देने के लिए लगाई गई सौर उर्जा लाइटें एक साल भी ठीक से नहीं चलीं। रात भर रोशनी देने की जगह ये लाइटें मात्र दो घंटे ही जल रहीं है जिससे इन सरकारी भवनों के पास उजाले की जगह अंधेरा पसरा रहता है। लोगों को रोशनी के अभाव में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, साथ ही चोरी जैसी घटनाओं का अंदेशा बना रहता है ।
मडावरा स्थित तहसील परिसर, ब्लाक परिसर एंव सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र परिसर को सौर उर्जा से उर्जीकृत करने के लिए सरकारी योजना के तहत लाखों रुपये खर्च करके राष्ट्रीय आर्थिक विकास प्राधिकरण(नेडा )विभाग के माध्यम से सोलर सिस्टम लगाए गए थे ताकि बिजली कटौती एवं गुल होने के बावजूद भी इन महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों कार्यालय परिसरों में रात्रि के समय अंधेरा न रहे और बिजली के अभाव में कर्मचारियों एवं ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की समस्याओं का सामना न करना पडे़, लेकिन इन महत्वपूर्ण सरकारी भवनों के पास लगाए गए सोलर सिस्टम पूरे एक साल भी ठीक से नहीं चल सके । रात भर उजाला देने वाली ये सोलर लाइटें मात्र दो घंटे में ही जवाब दे जाती हैं। शाम सात बजे के लगभग ये लाइटें जल जातीं है और नौ बजे के बाद बुझने लगती हैं, जबकि यह सोलर सिस्टम पूरी रात रोशनी देने में सक्षम होता है।
वहीं, ग्राम.पंचायत द्वारा कसवा के मुख्य चौराहों एवं गलियों में लगवाई गईं सोलर लाइटें रात भर जगमगाती रहती हैं। एक साथ तीनों सिस्टम में आईा खराबी इनकी खरीद में अनियमितताएं बरते जाने की ओर इशारा कर रहीं हैं। कमीशनबाजी की ओर इशारा कर रही हैं, लेकिन सोचने की बात यह है कि इन विभागों के संबंधितों में से किसी ने भी सोलर सिस्टम में आई गड़बड़ी की संबंधित विभाग को सूचना देना शिकायत करना तक मुनासिब नहीं समझा है। सीएचसी में रात्रि के समय उपचार कराने के लिए आने वाले मरीजों एंव उनके तीमारदारों को रोशनी के अभाव में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से सोलर सिस्टम की खरीद में बरती गयी अनियमितताओं की जाँच कराने एवं संबंधित विभाग से सिस्टम में आई खराबी को सही करवाए जाने की मांग की है। मांग करने वालों में हरनारायण शर्मा, नारायण सिंह सेंगर अरविंद लोधी, कैलाश साहू, प्रदीप खरे, रतीराम, पटेल, जाहर सिंह, मुन्नालाल कोरी शामिल हैं।