ललितपुर। ट्रेन में चलने वाले जीआरपी जवानों पर रक्षक टीम साफ्टवेयर नजर रखेगा। सिपाही की हर लोकेशन पुलिस अफसर के पास रहेगी। यह जानकारी जीआरपी के आईजी एलबी एंटोनी देव कुमार ने पत्रकारों से बात करते हुए दी।
सोमवार को आरक्षियों के रहने को प्री-फैब्रिकेटेड बैरक बनाने के लिए जमीन का निरीक्षण करने आए आईजी ने बताया कि कुछ संवेदनशील ट्रेनों में रक्षक टीम सॉफ्टवेयर लगाया जाएगा। इसमें रक्षक टीम के सिपाहियों को एक मोबाइल सिम जारी की जाएगी, जो उस साफ्टवेयर से आसानी से ट्रेस कर ली जाएगी और जीआरपी आरक्षियों की लोकेशन एसपीआर के सामने आ जाएगी। ऐसे में सिपाहियों की आसानी से ट्रेसिंग कर ली जाएगी और हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी। उन्होंने जीआरपी अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए कंडम घोषित हो चुके रेलवे आवासों को मंडल रेल प्रबंधक से वार्ता कर सुधारे जाने का आश्वासन दिया। साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से अवैैध वेंडरों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश थाना प्रभारी को दिए।
इससे पूर्व आईजी जोन एलबी एंटोनी देवकुमार ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जीआरपी थाने का निरीक्षण किया। थाने पहुंचने पर जीआरपी कर्मियों द्वारा प्रतिसार निरीक्षक शिवराम यादव के नेतृत्व में आईजी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान उन्होंने आरक्षियों के लिए बने पुराने बैरक का निरीक्षण किया और प्री-फैब्रिकेटेड बैरक (समस्त आधुनिक सुविधाओं के साथ बनी बैरक) बनाए जाने के लिए पुरानी बैरक बिल्डिंग से सटी खाली जमीन का निरीक्षण किया। उन्होंने बैरक के लिए बिजली, पेयजल और अन्य सुविधाओं की स्थिति भी जानी।
आईजी ने बंदी गृह और थाना की जर्जर स्थिति का जायजा भी लिया। उन्होंने जीआरपी थानाध्यक्ष को कमियां मिलने पर फटकार लगाई और अपराधों पर मिल रही शिकायतों की गंभीरता से जांच कराकर कार्रवाई के निर्देश दिए। अपराधी गतिविधियों व दर्ज मुकदमों की हकीकत जानने के लिए फाइलों को भी पलटा। ट्रेनों में चलने वाली महिला गिरोह द्वारा यात्रियों को परेशान किए जाने की समस्या सामने आने पर महिला पुलिस आरक्षियों की मदद से ट्रेनों में सर्च ऑपरेशन के लिए उन्होंने पुलिस अधीक्षक मोहम्मद इमरान से वार्ता की।
इस मौके पर एसएसपी जीआरपी सतेंद्र कुमार, सीओ बलदेव सिंह, सदर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अजय पाल सिंह, टीएसआई नीरज दीक्षित आदि मौजूद रहे।
जब प्रोटोकॉल से अलग चले गए आईजी
ललितपुर। जीआरपी थाने में सोमवार को सुबह से आईजी के आने की तैयारी कर ली गई। दोपहर करीब दो बजे प्रोटोकॉल के अनुसार टीएसआई, कोतवाल की गाड़ियां सायरन बजाते हुए जीआरपी थाने पहुंच गईं, लेकिन रेलवे स्टेशन तिराहे से आईजी की गाड़ी जीआरपी थाने नहीं पहुंचकर देवगढ़ क्रॉसिंग होते हुए रेलवे विश्रामगृह पहुंच गई। इधर आईजी के जीआरपी थाने नहीं पहुंचने पर जीआरपी अफसरों में हड़कंप मच गया और आईजी की खोज के लिए विश्राम अधिकारी तत्काल विश्राम गृह की ओर दौड़ पड़े। देवगढ़ क्रॉसिंग का गेट बंद होने के चलते करीब दस मिनट बाद आईजी विश्रामगृह पहुंच सके। यह घटना दिन भर चर्चा का विषय बनी रही।
विश्राम गृह के मुख्य गेट पर गाड़ी देख भड़के आईजी
ललितपुर। विश्राम गृह में अंदर वाले मुख्य दरवाजे रेलवे इंजीनियरिंग के अधिकारी एडीएन की गाड़ी रखी होने पर आईजी भड़क गए और उन्होंने तत्काल चार पहिया वाहन को विश्राम गृह से हटाने के निर्देश दिए। जिस पर अधिकारियों ने गाड़ी को तत्काल मौके से चाबी मंगवाकर हटवाया और चाबी कब्जे में ले ली। हालांकि बाद में आईजी ने अधिकारियों को उक्त रेलवे अधिकारी की गाड़ी की चाबी वापस कराई।