ललितपुर। कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति की मौत के बाद भी मोहल्ला नेहरू नगर के बाशिंदे सोशल डिस्टेंसिंग के प्रति बेपरवाह हैं। रविवार को ऐसा ही नजारा रहा, जब टैंकर पानी भरकर आया तो टैंकर के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस दौरान नागरिक कोराना वायरस का संक्रमण भूलकर पानी भरने में जुटे रहे, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ गईं। जागरुक नागरिकों ने डीएम एवं एसपी से पुलिस बल की तैनाती कराने की मांग की है।
मोहल्ला नेहरू नगर के बाशिंदे करीब बीस वर्ष पुरानी पेयजल समस्या का दंश आज भी झेलने को विवश हैं। मौजूदा समय में समस्याग्रस्त क्षेत्र में टैंकर से जलापूर्ति की जा रही है तो कई और क्षेत्रों में भी टैंकर से आपूर्ति की जरूरत है। इसके बाद भी उसे पूरा नहीं किया जा रहा है। इस कारण नेहरू नगर में पेयजल समस्या गंभीर रूप धारण करती जा रही है।
स्थानीय नागरिक सुबह चार बजे से ही हैंडपंपों से पानी भरना शुरू कर देते हैं, रात तक पानी भरा जाता है। चटख धूप में भी लोग एक किलोमीटर दूर से पानी भरते रहते हैं। जैसे ही नेहरूनगर मेन रोड पर पानी का टैंकर पुरानी कलारी के पास, प्राइमरी स्कूल के गेट के सामने, नैन्सी गार्डन के सामने, पतरूआ माता मंदिर के गेट के सामने, झिब्बू की दुकान के पास, पुरानी पुलिस चौकी वाली गली में जगदीश किराना की दुकान के पास आते हैं, वैसे ही मोहल्लेवासी अपने हाथों में पानी की टंकी लेकर मौके पर पहुंच जाते हैं
देखते ही देखते पानी के टैंकर पर पानी भरने वालों की इतनी जबरदस्त भीड़ लग जाती है जैसे कोई मेला लगा हो। इस तरह पानी के टैंकर पर सोशल डिस्टेंसिंग का बिलकुल भी पालन नहीं हो पा रहा है। नेहरू नगरवासियों में कोरोना वायरस जैसी महामारी का डर बना हुआ है जबकि इसके बचाव के लिए सामाजिक दूरी बनाना बेहद आवश्यक है।
टैंकर के पास खड़े न हों, बर्तन घर के बाहर रख दें
हमारे कर्मचारी कई बार मोहल्लेवासियों से यह कह चुका है कि घर के बाहर बर्तन व टंकी रख दें और आपको टैंकर के पास खड़े होने की जरूरत नहीं है। इसके बाद भी लोग मान नहीं रहे हैं। टैंकर रुकते ही लोग भीड़ लगा देते हैं जो गलत है।
- संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता-जल संस्थान