ललितपुर। गोविंद सागर बांध से आने वाली 400 एमएम की मुख्य साइफन लाइन को रविवार की रात्रि में असामाजिक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे नगर के अपर जोन में पेयजल संकट रहने की संभावना है।
नगर को दो भागों में बांटकर जलापूर्ति करने वाला जल संस्थान पाइप लाइन के माध्यम से करीब 10 हजार उपभोक्ताओं तक सुबह पानी पहुंचाने का काम करता है। डोंड़ाघाट शोधित प्लांट में पानी साफ करने के बाद नगर के विभिन्न स्थानों पर मौजूद छह टंकियों को भरने का काम किया जाता है। इसके बाद उपभोक्ताओं तक पानी पहुंचता है। रविवार की रात्रि में गोविंद सागर बांध से आने वाली मुख्य 400 एमएम की साइफन लाइन को असामाजिक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। सुबह जल संस्थान के अवर अभियंता डीपी राय को जानकारी होते ही एक दर्जन मजदूरों की सहायता से पाइप लाइन को ठीक करने का काम किया गया। हालांकि, इसमें 12 घंटे का समय लग गया।
इस कारण मंगलवार को मुहल्ला लेड़ियापुरा स्थित 1,500 किलोलीटर वाली दो पानी की टंकियों को भरना मुश्किल है। इससे मंगलवार को मुहल्ला नेहरू नगर वार्ड नंबर चार व छह, गांधीनगर, लेड़ियापुरा, टोरिया मुहल्ला, सरस्वती शिशु मंदिर के पीछे, पुराना सूचना केंद्र, स्टेशन रोड आदि में पेयजल संकट रहने की संभावना है।
अपर जोन को आने वाली मुख्य साइफन लाइन को किसी ने क्षतिग्रस्त कर दिया है। इसको सुधारने का काम सुबह से ही किया गया है, शाम तक काम तो पूर्ण हो गया है, लेकिन सुबह से पानी शोधित प्लांट में नहीं आ सका है, इससे अपरजोन में लोगों को कुछ परेशानी हो सकती है।
इंजीनियर आर एस चौधरी
अधिशासी अभियंता, जल संस्थान