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श्रीराम का चरित्र मानव के लिए अनुकरणीय

Sat, 27 Feb 2016 12:33 AM IST
ब्यूरो
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ललितपुर। श्री तुवन मंदिर प्रांगण में चल रही श्रीराम कथा के चौथे दिन पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास देवाचार्य महाराज ने कहा कि श्रीराम का चरित्र मानव जीवन के लिए अनुकरणीय है।
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शुक्रवार को कथा के शुभारंभ में मुख्य यजमान ऊषा जायसवाल व नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने श्री रामायण की पूजा की। श्रीराम कथा के दौरान देवाचार्य महाराज ने कहा कि प्रभु श्रीराम का चरित्र ही वस्तुत: चारित्र कहलाने योग्य है।

श्रीमद् वाल्मीकि रामायण में महर्षि वाल्मीकि एवं श्रीराम चरित मानस में गोस्वामी तुलसीदास जी ने प्रभु के चरित्र का जो वर्णन किया है, वह चरित्र केवल हिंदू धर्म या सनातन धर्म के लिए ही आदर्श नहीं है, अपितु संपूर्ण मानव जाति के आदर्श है।
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उन्होंने मर्यादापूर्ण चरित्र माता, पिता, भाई, पत्नी, सास, ससुर के साथ निर्वाह किया, जो आदर्श है। साथ ही उनकी मित्रता, दीनों पर कृपा, प्रजा का पालन, श्रेष्ठ राजधर्म, आज भी संपूर्ण मानव जाति के लिए आदर्श है। श्रीराम के चरित्र में सत्य, तप, दया, दान जैसे धर्म तत्व शामिल हैं। उनका चरित्र अनुकरणीय है,

जो भी मानव प्रभु श्रीराम के चरित्र को मनन कर अपने जीवन में उतारने के संकल्प से जीवन धन्य हो जाएगा। शास्त्रों में यह प्रमाण है कि ऐसा चरित्र जीने वाला मानव परलोक में भी सुख प्राप्त करता है।

धर्मसभा में महामंडलेश्वर संतोष दास महाराज सतुआ बाबा वाराणसी, महंत रामबालक दास महाराज, महंत अनिरुद्घ दास, महंत राधेश्याम दास, महंत गोपीदास, मंहत रामानंद दास, जगन्नाथ दास, रसराज जी, श्यामलाल दास, राममनोहर दास आदि संत-महंत मंच पर आसीन रहे। कथा का संचालन दीनबंधु दास महाराज ने किया।

वहीं, श्री लक्ष्मी नृसिंह मंदिर में श्री रामचरित मानस नवाह पारायण संतों द्वारा संपन्न किया गया। आचार्य गिरधर गोपाल शास्त्री के मधुर स्वर में चौपाइयों का गायन किया गया। यज्ञशाला में वैदिक आचार्यों द्वारा वैदिक अनुष्ठान जारी है।

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे। श्री रामायण आरती में नेरश शेखावत, अशोक गोस्वामी, जनार्दन पांडेय, मुरारीलाल, अरविंद, पं.बाबूलाल, अजय पटैरिया, रमाकांत तिवारी, अजय तिवारी नीलू, ओमप्रकाश शास्त्री, दिनेश गोस्वामी, रावराजा बुंदेला, रामकिशोर मुखिया, कमलापत रिछारिया, रामस्वरुप कुशवाहा, प्रभात दीक्षित, भगवत नारायण, मानू शर्मा, उमेश मिश्रा, अवधेश अग्रवाल, जगदीश मंदिर समिति के प्रतिनिधि, श्रीतुवन मंदिर मंडारा समिति के सदस्य आदि उपस्थित रहे।
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