संवाद न्यूज एजेंसी
पवा/कड़ेसराकलां। बुंदेलखंड के प्रसिद्ध जैन सिद्ध क्षेत्र पवागिरि में आयोजित वार्षिक मेला के तीसरे दिन मंगलवार को भगवान श्रीजी का विमान निकला। इस मौके पर नवीन कार्यालय का उद्घाटन हुआ।
सुबह आर्यिका गणिनी सृष्टिभूषण माता, विश्वयश मति माता, क्षुल्लिका आप्तमति माता के मंगलमय सानिध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्म पारस व विनोद कुमार शास्त्री के निर्देशन में सुबह नित्यमय अभिषेक शांतिधारा, अतिशय युक्त चमत्कारी बाबा मूलनायक पारसनाथ स्वामी का मस्तिकाभिषेक और भक्तामर के अखंड पाठ के समापन पर विश्वशांति महायज्ञ का आयोजन हुआ। दोपहर में नवीन कार्यालय का उद्घाटन हुआ। आर्यिका गणिनी विश्वयश मति माता ने कहा कि सौभाग्यशाली हैं वह लोग जो इस क्षेत्र से जुड़े हैं, क्योंकि भोंयरे के भगवान पारसनाथ स्वामी का अतिशय अद्वितीय है, जिसके सामने बैठने पर अलग ही ऊर्जा की अनुभूति होती है।
जल विहार के तहत श्रीजी की भव्य शोभायात्रा निकली। चिंतामणि पारसनाथ स्वामी को विमान में लेकर श्रद्धालु बैंड बाजों पर धर्म ध्वजा लेकर नृत्य करते चल रहे थे। महिलाएं मंगल गीत गाती चल रही थीं। शोभायात्रा मंदिर के मेला प्रांगण से गजरथ वेदी पर पहुंची। कार्यक्रम के शुभारंभ पर ध्वजारोहण एवं आचार्य महाराज के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलन हुआ।
धर्मसभा में आर्यिका गणिनी सृष्टिभूषण माता ने कहा कि आत्म कल्याण के लिए धर्म की साधना करें। कोई दिन अशुभ नहीं होता, जिस दिन अच्छा कार्य कर लिया वही दिन शुभ हो जाता है। उन्होंने कहा कि पुरुषार्थ ऐसा करो, जिससे मृत्यु होने पर मातम नहीं महोत्सव मनाया जाए।
स्वदेशी बनो, लोग अपने देश को जहां कहते हैं, हम तो अपने देश को ‘मां’ कहते हैं। यहां भोग की नहीं त्याग की उपासना की जाती है। यहां प्रेम, वात्सल्य संतुष्टि स्वर्ग और ईर्ष्या द्वेष नरक है। ज्ञान का दीपक जलाओ कभी जीवन में अंधकार नहीं रहेगा।