ललितपुर। नगर क्षेत्र में वाहन पार्किंग स्थल नागरिकों व प्रशासन के लिए बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं। स्थिति यह है कि शहर के मुख्य बाजार में तमाम मार्केट में पार्किंग स्थल बने हैं, लेकिन उनका उपयोग नहीं हो रहा है।
निजी मार्केट स्वामियों ने पार्किंग स्थल पर दुकानें बना ली हैं। इस कारण गाड़ियां सड़क पर बेतरतीब तरीके से खड़ी हो रही हैं।
शहर की आबादी दो लाख का आंकड़ा पार कर गई है, आबादी बढ़ने के साथ शहर में वाहनों की संख्या भी बढ़ रही है। यदि दो पहिया वाहनों की बात करें तो शहर में 30 हजार से अधिक वाहन होंगे, जो प्रतिदिन शहर की सड़कों पर दौड़ते हैं।
बढ़ती वाहनों की संख्या से पार्किंग की समस्या भी बढ़ती जा रही है। शहर के मुख्य बाजारों का विकास होने के कारण बाजार में कहीं पर भी पार्किंग के लिए खाली स्थान नहीं है। बाजार में एक दर्जन से अधिक कांपलेक्स व निजी मार्केट ऐसे हैं, जिसमें पार्किंग के लिए बेसमेंट बना हुआ है, लेकिन वहां पर भवन स्वामियों ने पार्किंग स्थल बंद कर दिया है और उनमें दुकानें संचालित की जा रही हैं।
पार्किंग बेसमेंट में बन गई दुकानें
कांपलेक्स, निजी मार्केट आदि व्यवसायिक भवनों में पार्किंग के लिए स्थल छोड़ना कानूनी तौर पर अनिवार्य है। शहर में एक दर्जन से अधिक कांपलेक्स ऐसे हैं, जिन्होंने वाहन पार्किंग के लिए विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण विभाग से बेसमेंट का मानचित्र पास कराया है।
लेकिन, बेसमेंट में कांपलेक्स स्वामियों ने स्वीकृत मानचित्र से हटकर अवैध रूप से दुकानों का निर्माण करा लिया है। कई जगहों पर गोदामों का संचालन किया जा रहा है या फिर पार्किंग छोड़कर अन्य कामों में उपयोग किया जा रहा है, जिससे स्थिति यह है
कि खरीदारी करने के लिए आए ग्राहक कांप्लेक्स व दुकानों के बाहर सड़कों पर वाहन खड़ा करते हैं। पार्किंग नहीं होने की वजह से ग्राहकों को सड़क पर वाहन खड़े होने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे यातायात बाधित हो रहा है और नागरिकों को समस्या उत्पन्न हो रही है।
यह है पार्किंग पास बेसमेंट
मुख्य माजार में घंटाघर के पास स्थित भारत बाजार, महावीर प्याऊ के पास स्थित धनलक्ष्मी कांपलेक्स, वीर सावरकर चौक के पास स्थित पारस होटल, तालाबपुरा मार्ग पर स्थित प्लाजा मार्केट, इलाइट चौराहे पर स्थित परिवार पैलेस, यह ऐसे निजी कांपलेक्स हैं,
जहां पर पार्किंग के लिए स्वीकृत बेसमेंट का प्रयोग पार्किंग की जगह व्यापार किया जा रहा है। नगर पालिका भी पीछे नहीं है, घंटाघर के पास डा. शादीलाल कांपलेक्स में भी पार्किंग के लिए बेसमेंट बना है। लेकिन, आठ वर्ष बीत गए और यहां पार्किंग नहीं हो सकी है।
विभाग से दुकानदारों की सूची निकलवाई जाएगी। यदि नियम विरुद्घ निर्माण किया गया होगा तो नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी।
- रमेश चंद्र
एसडीएम/ नियत प्राधिकारी, विनियमित क्षेत्र