संवाद न्यूज एजेंसी
सिलावन। राजकीय पशु चिकित्सालय परिसर में निर्माणाधीन दुकानों पर दो सरकारी विभाग आमने सामने आ गए हैं। यहां तक की नगर पंचायत ने निर्माणाधीन दुकानों की भूमि को नजूल के होने का आरोप लगाया है। इसको लेकर जिला पंचायत को नोटिस भी जारी किया है। इससे मामला गरमा गया है।
कस्बे में स्थित पशु चिकित्सालय महरौनी परिसर में जिला पंचायत की ओर से दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है। इस निर्माण को लेकर कुछ लोगों ने शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें कहा था कि जिस भूमि पर निर्माण हो रहा है, वह पशु चिकित्सालय एवं नजूल भूमि का हिस्सा है। साथ ही भवन निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति और स्वीकृत नक्शा भी नहीं लिया गया। इसको लेकर नगर पंचायत ने नोटिस भी जारी कर दिया है। नोटिस में बताया गया कि नगर पंचायत की सीमा के भीतर किसी भी निर्माण के लिए नक्शा पास कराना अनिवार्य है। जिला पंचायत ने न तो हमसे कोई अनुमति ली और न ही कोई मानचित्र स्वीकृत कराया। इस पर नगर पंचायत ने तय समय सीमा के भीतर निर्माण नहीं हटाने पर ध्वस्तीकरण की चेतावनी दी है। उधर निर्माण कार्य को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है।
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पशुपालकों ने भी किया था कड़ा विरोध
दुकानों के निर्माण के पूर्व भी स्थानीय पशुपालकों ने कड़ा विरोध किया था। उनका कहना था कि अस्पताल परिसर में दुकानों के निर्माण से इलाज के लिए आने वाले बीमार पशुओं को परेशानी होगी। उनका मानना था कि दुकानों के निर्माण से इलाज के लिए आने वाले पशुओं के लिए जगह कम पड़ जाएगी। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन ने भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी।
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वर्जन
जिला पंचायत ने नियमों की अनदेखी करते हुए पहले निर्माण कार्य शुरू करा दिया। जबकि कार्य से संबंधित निविदा बाद में जारी की गई। जबकि यह भूमि नजूल की बताई जा रही है। नीलम बड़ौनिया, अध्यक्ष, नगर पंचायत
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महरौनी नगर पंचायत में पशु अस्पताल के पास दुकानों का निर्माण शासन की स्वीकृति से किया जा रहा है। इसमें मंडलायुक्त, जिलाधिकारी व उपजिलाधिकारी की संस्तुति भी की गई है। नगर पंचायत बेवजह ही नियम विरुद्ध बता रहा है। - विनोद कुमार, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, ललितपुर