ललितपुर/मड़ावरा। जनपद में बृहस्पतिवार को सुबह से लोगों ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए तो शाम को उनकी बरात निकाली गई। भूत भावन की बारात में शामिल लोगों ने जमकर डांस किया। ठंडई का भी आनंद लिया।
शिव बरात मोहल्ला चौबयाना स्थित श्रीरघुनाथ जी बड़ा मंदिर से होकर बूढ़े बाबा खिरकापुरा पहुंची। यहां से मोहल्ला रावरपुरा से महावीरपुरा, घंटाघर थानेश्वर मंदिर, सावरकर चौक, आजाद चौक, नदीपुरा होते हुए वापस शिवालय पहुंची, जहां स्वागत किया गया। जय बुंदेलखंड व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष अभय चौबे, रामदास श्रोतीय, नरेश झा, रोशन कुशवाहा, धर्मवीर कुशवाहा, रवि मिश्रा, आशीष चौबे, रवि सोनी, सुदीप पाराशर, तनु सोनी, रोहित मिश्रा, अंकुश चौबे, राजू चौबे, लालू, वीर कटारे, प्रिंस कटारे, सोनू प्रजापति, गोलू सेन, अंकुश चौबे, विशाल रावत, अंगद सेन, देवकी कुशवाहा, दीपक सोनी, छोटे गोस्वामी, अशोक मालवीय आदि शामिल रहे।
चंडी मंदिर से निकली शिव बारात स्टेशन रोड होते हुए कृष्णा टाकीज पहुंचकर वापस मंदिर गई, जहां उनका स्वागत किया गया। घंटाघर स्थित थानेश्वर मंदिर में भजन संध्या हुई। कलाकारों ने भजन और धार्मिक गीत प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। शाम को हुई बरसात भी इन्हें नहीं डिगा सकी। लोग भजन का आनंद लेते रहे। उधर, तालाबपुरा स्थित साईं मंदिर से निकली शिव बरात तालाबपुरा से सावरकर चौक होते हुए घंटाघर स्थित थानेश्वर मंदिर पहुंची, जहां विधि विधान के साथ भोलेनाथ व गौरा का विवाह धार्मिक रीति रिवाजों के बीच संपन्न हुआ।
मड़ावरा में महाशिवरात्रि के पर्व पर शाम को तेज हवाओं एवं गरज के साथ हुई बारिश के बाद भी बरातियों का जोश कम नहीं हुआ। शिवजी की बरात जोशी मोहल्ला स्थित हनुमानजी मंदिर से प्रारंभ होकर डाक बंगला, बसस्टैंड, बैरियर चौराहा से होते हुए तहसील तक पहुंची, जहां से वापस राधाकृष्ण मंदिर होते हुए शालाजी मंडी, पाठकान मंदिर होते हुए हनुमानजी मंदिर पहुचकर संपन्न हुई। इस अवसर पर अजेयश्री विश्वनाथ समिति के कार्यकर्त्ताओं कृष्णकांत त्रिपाठी, एपी कटारे, अखिलेश साहू, धर्मेंद्र साहू, प्रदीप व्यास, राहुल खटीक, कल्लू, चंद्रसेन मिथलेश विश्वकर्मा, छोटू राय, लोटन लंबरदार, कुलदीप राय, बृजलाल जोशी, रमेश साहू समेत तमाम ग्रामीणों का सहयोग रहा।
महिलाओं ने गीत गाकर उत्सव में घोला संगीत का रंग
पाली। महाशिवरात्रि पर कस्बे से निकली शिव बरात का जगह- जगह स्वागत किया गया। विंध्याचल की वादियों में विराजे श्री नीलकंठेश्वर धाम में शिवभक्तों की भीड़ रही। भगवान हर-हर महादेव से गुंजायमान हुई पाली नगरी को आकर्षक रूप से सजाया गया। नीचे स्थापित अर्धनारीश्वर रूप का श्रृंगार किया गया। सुबह से जुटे शिवभक्तों ने सीतामढ़ी कुंड में बाबा की विवाह की हल्दी से लोगों ने स्नान कर भगवान की पूजा अर्चना कर सुखद जीवन की कामना की। शिव विवाह के मौके पर वैवाहिक गीत ‘आज मोरी गौरा को चढ़ो है चढ़ाओ अरी ऐरी सखी...’ महिलाओं ने गाकर वातावरण में उत्सव का रंग घोल दिया। हजरिया महादेव मंदिर में शिवलिंग का ओम नम: शिवाय मंत्र के जाप के साथ जलाभिषेक किया गया। मंदिर से शिव बरात का शुभारंभ हुआ। सबसे आगे युवक धर्मध्वजा फहराते हर-हर बम बम के जयघोष करते चल रहे थे। रमतूला नृत्य पर कलाकार बुंदेली कला के विभिन्न नजारे पेश कर रहे थे। भगवान ब्रह्मा, विष्णु और नारद के स्वरूप घोड़े पर सवार होकर चल रहे थे। पीकर शंकर जी की बूटी. आदि तरानों पर शामिल बराती खूब नृत्य कर चल रहे थे। बारात बस स्टैंड मुख्य बाजार, गांधी चौक, रेंज चौकी होती हुई नगर भ्रमण को निकली। नीलकंठेश्वर मंदिर में देर शाम से अनुष्ठानों के बीच वैवाहिक क्रियाएं हुई। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पाली उपजिलाधिकारी अविनाश त्रिपाठी, तहसीलदार अभिषेक कुमार, क्षेत्राधिकारी श्याम नारायण व थानाध्यक्ष गंगासागर अपने दलबल के साथ मौजूद रहे।