कोतवाली में बैठाए गए आदर्श समायोजित शिक्षक/ शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी
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ललितपुर। आदर्श समायोजित शिक्षक/शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में जनपद में मुख्यमंत्री के आगमन पर विभिन्न समस्याओं का ज्ञापन देने की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने शिक्षा मित्रों को नजरबंद कर दिया और सीएम के जाने के बाद कोतवाली से छोड़ा गया। शिक्षा मित्रों ने पुलिस के इस रवैये पर रोष व्यक्त किया है।
आदर्श समायोजित शिक्षक/शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में विगत दिवस मुख्यमंत्री के जनपद आगमन शिक्षामित्रों की विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन देने का कार्यक्रम था और इसी के चलते विगत दिवस शिक्षामित्रों ने अपर जिलाधिकारी के पास आवेदन किया था। लेकिन आवेदन निरस्त कर प्रशासन द्वचरा शिक्षामित्रों को नजरबंद किए जाने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष भगवत सिंह वैस, राजेश तिवारी, धर्मेंद्र सिंह परमार आदि को कोतवाली पुलिस रात एक बजे घर से ले जाकर कोतवाली में बैठा दिया गया और सीएम के जनपद से जाने के बाद छोड़ा गया, जिससे शिक्षामित्र अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंचा सके। शिक्षामित्र जो ज्ञापन मुख्यमंत्री को देने जा रहे थे उसमें बताया गया है कि वर्तमान में अल्प मानदेय में कार्य लिया जा रहा है, जबकि महाराष्ट्र में 35 हजार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, दमनद्वीप में अधिक मानदेय दिया जा रहा है, जबकि उक्त राज्यों के सापेक्ष उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों को काफी कम मात्र दस हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है, जो न्यायोचित नहीं है। अत: उत्तर प्रदेश के शिक्षा मित्रों को विद्यालयों में अतिरिक्त संवर्ग सृजित कर स्थायी रूप से समायोजन करने की मांग कर रहे थे। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि शिक्षामित्र को बुलाकर यह समझाया गया था कि बिना अनुमति के न जाएं। उन्होंने कहा कि नजरबंद नहीं किया गया था।