ललितपुर। जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद नाम की कोई चीज नहीं है, जिन लोगों ने इसे तोड़ा था वह मंदिर था, इसके प्रमाण मिलते हैं। इसलिए संत- महात्मा, विश्व हिंदू परिषद व भारतीय जनता पार्टी से भी सहयोग लेकर मंदिर का निर्माण करेंगे। वह सिद्ध पीठ चंडी मंदिर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
रविवार को उन्होंने कहा कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद के प्रमाण नहीं मिलते हैं। तोड़ी गई बाबरी मस्जिद नहीं, बल्कि राम मंदिर था। इसलिए जो लोग विजय दिवस अथवा मातम दिवस मनाते हैं, वह दोनों ही गलत हैं। राष्ट्रीय स्वयं सेवक एक सामाजिक संस्था है। भारतीय जनता पार्टी एक राजनीतिक दल है और सरकार धर्मनिरपेक्ष है। तीनों का काम मंदिर निर्माण करना नहीं है। संत महात्मा ही इसे बनाएंगे, इसमें विहिप सहयोग करेगी।
उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हाराव ने अयोध्या में करीब 35 एकड़ भूमि रिलीज की थी, उसपर मंदिर का निर्माण हो सकता है। कुछ लोग नकली शंकराचार्य बन बैठे हैं, जो धर्म का प्रचार करने की जगह खुद की संपत्ति बनाने में लगे हैं। ऐसे लोगों से सचेत रहने की जरूरत है। उन्होंने देश में गौ हत्या पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि गायों के लिए चारागाह तक नहीं बचे हैं। करोड़ों शाकाहारी लोगों को गाय के दूध से ही प्रोटीन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि न खाएंगे और न खाने देंगे। इसके बाद भी भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लग सका है। अदालतों से लेकर सरकारी कार्यालय में बिना पैसे के काम नहीं हो रहा है। देश के प्रधानमंत्री अमेरिका के राष्ट्रपति सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों को गीता भेंट कर चुके हैं। यदि गीता सांप्रदायिक है तो उसे क्यों राष्ट्राध्यक्षों को दे रहे हें। हकीकत में गीता भारत की पहचान है और संस्कृति से जुड़ी हुई है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने की बारी आई तो सूर्य नमस्कार का विरोध होने लगा। उन्होंने सूर्य नमस्कार के विरोध को अनुचित ठहराया। उन्होंने महिलाओं व बच्चियों के साथ बलात्कार के लिए शराब को जिम्मेदार बताया। उन्होंने नशे की बिक्री पर पाबंदी लगाने पर जोर दिया।
शंकराचार्य ने सांसद मुरली मनोहर जोशी के बयान को सही ठहराते हुए कहा कि गंगा का अविरल होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री उमा भारती पहले गंगा में नालों के दूषित पानी को रोकें। साईं मूर्तियों को मंदिरों से हटाने के बयान पर उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे लोगों में जागरूकता आएगी। कश्मीर में पाकिस्तान के समर्थन में झंडे फहराने को लेकर उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर में लागू धारा 370 को हटाया जाना चाहिए।