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Lalitpur News: बिजली व खाद की कालाबाजारी का छाया मुद्दा

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। विकास भवन के सभागार में आयोजित किसान दिवस की बैठक में बिजली, पानी व खाद का मुद्दा छाया रहा। किसानों ने कहा कि बिजली न मिलने से समय से खेतों में पलेवा नहीं हो पा रहा है। वहीं कुछ किसान संगठनों ने खाद की कालाबाजारी करने का मामला उठाया। मुख्य विकास अधिकारी केके पांडेय ने विभागीय अधिकारियों को किसानों की समस्याओं का जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए।
किसान दिवस में भारतीय किसान यूनियन के मंडल उपाध्यक्ष कीरत बाबा ने कहा किसानों की भूमि का हिस्सा गलत अंकित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बीते दिनों पकड़े गए नकली खाद की फर्म पर कार्रवाई की जाए। खाद की कालाबाजारी को रोका जाए। अतिवृष्टि के पैसे को बिना सुविधा शुल्क के किसानों के खाते में भेजा जाए। भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति से प्रदेश मुख्य सचिव गजेंद्र सिंह व जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा ने मूंगफली क्रय केंद्र को प्रत्येक ब्लॉक व तहसील मुख्यालय पर खोले जाने की मांग की। उन्होंने बताया कि मंडी में 3500 से 4500 में किसानों से मूंगफली खरीद कर रख ली गई है। अधिकांश दुकानदारों के पास 100 से 500 क्विंटल मूंगफली रखी है।
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आरोप है कि अब व्यापारी किसानों से दस्तावेज जुटाने में लग लग गए हैं। इसकी जांच कराई जाए। वहीं खाद की कालाबाजारी पर लगाम लगाने की मांग की है। अन्य किसान नेताओं ने कहा कि वर्तमान में डीएपी खाद की कालाबाजारी जोरों पर चल रही है। रात के अंधेरे में 1800 रुपये में खाद बेची जा रही है। ऐसे में दुकानों पर खाद की बिक्री सुबह दस बजे से शाम को छह बजे तक कराई जाए। इस दौरान उपकृषि निदेशक बसंत कुमार दुबे, जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार भारती समेत अन्य अधिकारी और किसान मौजूद रहे।
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