ललितपुर। बानपुर से टीकमगढ़ तक दस किलोमीटर की सड़क बेहद जर्जर है। पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इस कारण यात्रियों को खासी परेशानी हो रही है।
ललितपुर से सड़क मार्ग से बानपुर होते हुए टीकमगढ़ की दूरी 45 किलोमीटर और महरौनी होते हुए टीकमगढ़ की सड़क मार्ग से दूरी 60 किलोमीटर है। मध्य प्रदेश प्रांत के टीकमगढ़ जिले का ललितपुर से गहरा नाता रहा है। ललितपुर और टीकमगढ़ उत्तर प्रदेेश व मध्य प्रदेेश की सड़क सीमा दोनों प्रदेशों की सभ्यता को जोड़ती है। टीकमगढ़ से होते हुए जतारा, बल्देवगढ़, छतरपुर व खजुराहो तक पहुंचते हैं, तो वहीं टीकमगढ़ के लोगों के लिए भी बानपुर होते हुए मात्र 45 किलोमीटर दूरी पर रेलवे स्टेशन व अन्य पर्यटन, आवागमन और व्यापारिक दृष्टि से जोड़ता है। लेकिन बानपुर से टीकमगढ़ मार्ग की जर्जर स्थिति हादसों का सबब बनती जा रही है।
आए दिन इस मार्ग पर रोजाना कोई न कोई वाहन दुर्घटनाएं हो रही हैं। बानपुर से टीकमगढ़ की ओर जामनी नदी पर बने बाड़ाघाट के पुल तक करीब दस किलोमीटर मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुका है। इस सड़क पर बीस किलोमीटर की स्पीड से वाहन चलाना भी सबसे तेज रफ्तार समझा जाता है। बारिश के समय तो इस मार्ग पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भरने से सड़क और गड्ढों की पहचान तक नहीं हो पाती है, जिससे कई वाहन दुर्घटनाएं घटित होती रहती हैं।
फिट वाहन समय से पूर्व हो रहे अनफिट
सहायक संभागीय अधिकारी द्वारा जनपद में संचालित हो रहे सभी व्यावसायिक और गैर व्यावसायिक वाहनों को हर वर्ष फिटनेस प्रमाण पत्र दिया जाता है। विभाग द्वारा वाहन सही कंडीशन में होने पर फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। एआरटीओ द्वारा चेकिंग के दौरान वाहन फिट नहीं होने पर चालान समेत अन्य विभागीय कार्रवाई की जाती है। लेकिन बानपुर से टीकमगढ़ मार्ग पर चलने वाले वाहन समय से पूर्व ही अनफिट हो जा रहे हैं।