ललितपुर। एक बार फिर ग्रेनाइट का कारोबार गति पकड़ेगा। राजस्व व खनिज विभाग की टीम ने स्थलीय निरीक्षण करने के बाद सात ग्रेनाइट की खदानों को मंजूरी दे दी है। इनकी शीघ्र ही ई- टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। इससे खनिज विभाग के राजस्व में वृद्धि होगी। खदानें शुरू होने से तीन हजार से अधिक मजदूरों के लिए रोजगार के दरवाजे खुलेंगे। इसके अलावा इस क्षेत्र में चाय नास्ते की दुकान खोलने वाले लोगों को भी रोजगार मिल सकेगा।
जनपद में खनिज संपदाओं के अकूत भंडार हैं। ग्रेनाइट के अलावा इमारती पत्थरों की खदानें चल रहीं है। कई वर्षों से जनपद में ग्रेनाइट का कारोबार चल रहा था। ग्रेनाइट पत्थर विदेशों में बिक्री के लिए जाता था। इस कारोबार से जिले के 12 हजार से अधिक मजदूरों को रोजगार मिलता था। लेकिन, उच्च न्यायालय के आदेश पर जनपद की 15 ग्रेनाइट खदानों पर खनन करने से रोक लगा दी गई थी। तब से लगभग आठ हजार मजदूरों का रोजगार छिन गया था। इन परिवारों के सामने तब से लगातार आर्थिक संकट बना हुआ था। लेकिन, बीते दिनों राजस्व विभाग व खनिज विभाग के संयुक्त सर्वे की जानकारी मिलने से क्षेत्रीय मजदूरों को रोजगार की आस जाग गई थी।
22, 23 व 24 जनवरी को राजस्व विभाग व खनिज विभाग ने संयुक्त रुप से 18 क्षेत्रों में ग्रेनाइट खदान शुरू करने के लिए सर्वे किया था। इसमें से तहसील ललितपुर अंतर्गत ग्राम जैरवारा, कालापहाड़, दैलवारा में दो खदानें, भरतपुरा व गनगौरा व तहसील तालबेहट के ग्राम हनुपुरा में ग्रेनाइट खनन के लिए सात स्थानों को उपयुक्त पाया। इनकी नीलामी प्रक्रिया के लिए खनिज विभाग द्वारा तैयारी की जा रही है। शीघ्र ही इन क्षेत्रों में लगभग 14 हेक्टेयर में सात ग्रेनाइट खदानों पर खनन का कारोबार शुरु किया जाएगा। बीते वर्षों में ग्रेनाइट की खदान पर लगी रोक से बेरोजगार हो चुके मजदूरों को रोजगार मिलने का रास्ता साफ हो गया है। खदानें चालू होने से कई निर्धन परिवारों के सामने से आर्थिक संकट समाप्त हो जाएगा।
खनिज का बढ़ेगा राजस्व
ग्रेनाइट की सभी 25 खदानों के चालू होने से लगभग तीन करोड़ रुपये मासिक राजस्व की प्राप्ति होती थी, लेकिन अब दस खदानों से लगभग एक करोड़ रुपये ही आय हो रही है। अब सात खदानों के चालू होने पर खनिज के राजस्व में भी वृद्घि होगी।
ग्रेनाइट की खदानों का निरीक्षण कर चिह्नित कर लिया गया है। शीघ्र ही इनकी ई-टेंडर प्रक्रिया द्वारा नीलामी होगी।
- नवीन कुुमार दास
क्षेत्रीय खान अधिकारी/ जिला खान अधिकारी
क्षेत्र में ग्रेनाइट खदानें चालू होने से लोगों को रोजगार मिल सकेगा। इससे आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवारों को राहत मिल सकेगी।
- शिशुपाल सिंह
जिले में ग्रेनाइट की खदानों पर खनन शुरु होने से क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर मिलेंगे। मजदूरी के लिए पलायन करने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
- अशोक रायकवार
बीते वर्षों से बेरोजगार बैठे मजदूरों में रोजगार की आस जग गई है। खदानों पर कार्य शुरु होते ही मजदूरों को मजदूरी मिल जाएगी।
- रतिराम कुशवाहा
जनपद के अधिकांश मजदूर रोजगार के लिए अन्य शहरों में पलायन कर जाते हैं। लेकिन, ग्रेनाइट खदानों के चालू होने आसपास में रोजगार की सुविधा होगी।
- भगवत सिंह