ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम/पॉक्सो) उमेश कुमार सिरोही की अदालत ने थाना महरौनी के ग्राम टपरियन में सात वर्ष पहले जानलेवा हमला कर ग्रामीण को मरणासन्न करने का दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त को पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता खुशीलाल लोधी ने बताया कि सात वर्ष पूर्व थाना महरौनी के ग्राम टपरियन निवासी शहादत खां पुत्र नत्थू खां ने महरौनी थाने में मुकदमा लिखाया था। इसमें बताया था कि उसका भाई नूर मुहम्मद 21 नवंबर 2012 की शाम करीब सात बजे अपने घर के दरवाजे पर था ,तभी गांव का साबू खां शराब के नशे में आया और गालीगलौज करने लगा। भाई ने मना किया तो उसने भाई के सिर पर लाठी से प्रहार कर दिया, जिससे खून बहने लगा। मौके पर पिता व बहन ने बीच बचाव किया।
नूर मुहम्मद का पुलिस ने चिकित्सीय परीक्षण कराया। उसने बताया था कि उसकी बहन ने हमलावर के खिलाफ पूर्व में एक मुकदमा लिखाया था, जिसमें वह गवाह था। इसी मुकदमे के राजीनामा को लेकर उसने घटना को अंजाम दिया था। शहादत खां की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी साबू खां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
13 दिसंबर 2012 को सिर में फ्रैक्चर होने के आधार पर इस मामले में धारा 325 में तरमीम कर दिया और फिर उसके बाद नौ जनवरी 2013 को धारा 308 में यह मुकदमा तरमीम कर दिया था एवं न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए थे। तब से यह मामला कोर्ट में विचाराधीन चल रहा था। अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने अभियुक्त साबू खां को जानलेवा हमला करने में दोषी पाए जाने पर पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न होने पर आठ माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।