ललितपुर। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने यदि उपजिलाधिकारी के आदेश पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया होता तो घंटाघर चौराहा पर सौरभ जैन को मिट्टी का तेल डालने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि वह स्वयं कानून के शिकंजे में होता।
मोहल्ला तालाबपुरा निवासी अशोक पुत्र रतनचंद्र ने शिकायत की थी कि तालाबपुरा निवासी सौरभ जैन ने सौ रुपये के स्टांप पेपर पर जमीन का बिना पंजीकरण के इकरारनामा किया है। इस पर उपजिलाधिकारी सदर गजल भारद्वाज ने इसकी जांच कराई और उपनिबंधक सदर से रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट में बताया कि अशोक कुमार की संक्रमणीय जमीन 3147 रकबा 1.487 हेक्टेयर अंदर हद नगर पालिका की भूमि पर कलावती पत्नी गुलाब सिंह यादव द्वारा सौ रुपये के स्टांप पर सौरभ जैन पुत्र कोमल चंद्र और मीना जैन पत्नी कोमलचंद्र निवासी तालाबपुरा के पक्ष में बगैर पंजीकृत इकरारनामा किया गया है, जो कानून की नजर में शून्य अभिलेख है। इसी अभिलेख के आधार पर आवेदक की भूमि पर अवैध कब्जा करने का तथ्य प्रकाश में आया है। इसी आधार पर एसडीएम ने प्रभारी निरीक्षक कोतवाली को निर्देश दिए थे कि उपनिबंधक की नौ जून की रिपोर्ट के अनुसार सौ रुपये के स्टांप पेपर पर बगैर पंजीकृतशुदा संपत्ति कानून की नजर में मान्य नहीं है। अत: अतिक्रमणकर्ता सौरभ जैन और मीना जैन निवासी तालाबपुरा के खिलाफ नियमानुसार सक्षम धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर एक सप्ताह के भतर अवगत कराएं। लेकिन, एसडीएम के इस आदेश को एक सप्ताह से अधिक समय बीत गया व कोतवाली पुलिस ने इसे संज्ञान में नहीं लिया। उधर, बीते रोज सौरभ जैन मिट्टी का तेल लेकर घंटाघर चौराहे पर पहुंच गया और आत्मदाह की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस ने उसे रोक लिया। यदि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया होता तो यह नौबत नहीं आती।
मामला गंभीर है। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक से जवाब मांगा गया है कि स्थिति स्पष्ट करें कि रिपोर्ट दर्ज क्यों नहीं की गई है।
- गजल भारद्वाज, उपजिलाधिकारी सदर