मड़ावरा। करीब दस साल पहले बनाए गए जूनियर हाईस्कूल विद्यालय के भवन के दो कमरे लिंटर और दीवार सहित गिर गए। कोरोना काल में इसी जर्जर भवन में ही शेल्टर हाउस एवं कम्युनिटी किचन संचालित की जाती रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री लगाने का नतीजा रहा कि भवन दस साल में ही गिर गया। उन्होंने इसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों के मुताबिक करीब 10 साल पहले जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक कक्ष और उससे लगा हुआ एक कक्षा कक्ष की दीवार बनवाकर और लिंटर डलवाया गया था। कोरोना काल में स्कूल बंद हो गए इसके कारण यहां शेल्टर हाउस एवं कम्युनिटी किचन बना दिया गया। कोरोना संक्रमण कम होने के बाद इस शेल्टर हाउस को बंद कर दिया गया था। एक जुलाई को जब स्कूल के खुलने का नंबर आया तो स्कूल के दो कमरों का लिंटर और दीवार गिरी मिली। माना जा रहा है कि दीवार धसकने से लिंटर गिरा है। गनीमत रही कि आबादी से दूर होने के चलते स्कूल में किसी का आवागमन नहीं था अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
विद्यालय भवन की नींव में घटिया निर्माण का इस्तेमाल किए जाने से स्कूल की बिल्डिंग समय से पहले ही ढह गई, विद्यालय निर्माण में किए गए घालमेल की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। रामनरेश यादव, ग्रामीण
विद्यालय भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है इसमें बच्चों को बैठाकर पढ़ाना जोखिम भरा साबित होगा। इस भवन को गिराकर नया भवन बनवाना चाहिए। गणेश पारासर, ग्रामीण
बड़वार में सरकारी विद्यालय का भवन समय से पहले गिरने के संबंध में रिपोर्ट तैयार कर बीएसए को भेज दी है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी। आरजी वर्मा- खंड शिक्षा अधिकारी