कैप्सन - स्कूली बैग ले जाते शिक्षक
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तालबेहट (ललितपुर)। सरकार एक ओर शिक्षा पद्धति को बेहतर एवं पारदर्शी बनाने के लिए नई- नई योजनाएं चला रही है। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लचरता के चलते सत्र समाप्ति के कुछ दिन पहले बच्चों को स्कूली बैग और मोजे वितरण के लिए भेजे जा रहे हैं।
सरकार बेसिक विद्यालय में बच्चों को आकर्षित करने के लिए मिड डे मील के साथ स्कूली बैग, जूते, मोजे, किताबें नि:शुल्क उपलब्ध करा रही है। कोरोना संकट काल के बाद स्कूल खुले और अध्यापक विद्यालय गए, लेकिन शिक्षा विभाग के जिम्मेदार शासन से बच्चों को वितरित होने आई सामग्री का वितरण विद्यालय तक नहीं पहुंचा सके। जिससे स्कूली बच्चों को स्कूल बैग और मोजे नहीं मिल सके। पूूर्व में वितरित जूतों पर जब कई जगह अभिभावकों ने हल्ला मचाया तो कोरोना संक्रमण की बात कह कर मामले को दबा दिया गया। पूूर्व में वितरित जूतों पर जब कई जगह अभिभावकों ने हल्ला मचाया तो कोरोना संक्रमण की बात कह कर मामले को दबा दिया गया। इसके बाद अब पंचायत चुनाव और सत्र समाप्ति पर सामग्री का वितरण लोगों की समझ में नहीं आ रहा है।
उधर, शासन के स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी अध्यापक को बीआरसी कार्यालय में संबद्ध नहीं किया जाए। लेकिन विकास खंड के कुछ अध्यापक शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों के निर्देश के बावजूद बीआरसी कार्यालय में हर समय मौजूद रहते हैं। जिससे अध्यापकों में काफी रोष है।