ललितपुर। किसान सेवा सहकारी समिति की सभापति ने किसानों के शिकायती पत्रों की जांच कर प्रकरण को प्रथम दृष्टया गबन एवं हेरीफेरी का बताया है। सभापति ने अभिलेखों की जांच में कमियां पकड़ी हैं। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब सहायक निबंधक प्रकरण की विभागीय जांच करा रहे हैं।
किसानों ने समिति के सचिव पर रसीद नहीं देने व ज्यादा पैसे लेने की शिकायत की है। सभापति ने जिलाधिकारी को लिखे पत्र में फेरन पुत्र पारीक्षत निवासी ग्राम बम्होरीकलां के शिकायती पत्र का हवाला देते हुए बताया कि यह मामला प्रथमदृष्टया गबन, लूट एवं हेराफेरी का प्रतीत होता है। कैलाश नारायण पुत्र राजाराम निवासी ग्राम पटौराकलां सहित कई लोगों की शिकायतें हैं। सभापति ने पत्र में लिखा कि जो संलग्न शिकायती प्रार्थना पत्र हैं, उनकी जांच शिकायतकर्ता के समक्ष कराई जाए। उन्होंने जांच में दोषियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कराने की मांग की है। समिति के पदाधिकारियों का आरोप है कि जो विभागीय जांच कराई जा रही है, वह अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। इस समय किसान रबी सीजन की बुवाई में व्यस्त हैं। जिन किसानों को बकाएदार दर्शाया जा रहा है, यदि उन किसानों को खाद व बीज नहीं मिला तो उनके सामने समस्या खड़ी हो जाएगी। इसलिए तुरंत जांच पूर्ण करने की आवश्यकता है।
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किसानों ने अपनी समस्याएं व शिकायतें रखी हैं। इस मामले में अभिलेखों की जांच की गई। जांच में कई कमियां पाई गई। जो भी इसमें दोषी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए। वर्तमान सचिव को पूर्व सचिव द्वारा चार्ज हस्तांतरित भी नहीं किया जा रहा है। किसानों का किसी प्रकार से अहित नहीं होने दिया जाएगा।
- रीता उर्फ हेमा निरंजन
सभापति ललितपुर किसान सेवा सहकारी समिति
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किसानों ने समिति के सचिव पर रसीद नहीं देने व ज्यादा पैसे लेने की शिकायत की है। इन आरोपों की जांच कराई जा रही हैं। सहायक विकास अधिकारी सहकारिता व अपर सहकारी अधिकारी को जांच का जिम्मा सौंपा गया है।
- रमेश कुमार गुप्ता
सहायक निबंधक, सहकारी समितियां