जाखलौन/ ललितपुर। कस्बा जाखलौन में मंगलवार को संत रविदास की जयंती मनाई गई। इस दौरान शोभायात्रा निकाली गई। वहीं, समरसता गोष्ठी में घोषणा की गई कि जो अभिभावक शराब और जुआ का त्याग करेंगे, उनके बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जाएगी।
शोभायात्रा गणेश मंदिर से इंद्र अखाड़ा मंदिर तक निकाली गई। यात्रा का स्वागत पूर्व प्रधान महेंद्र सिंह बुंदेला, प्रधान राजेश राजे व शैलेंद्र सिंह बुंदेला के निवास पर किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं को ग्राम प्रधान द्वारा मिष्ठान वितरित किया गया। इसके बाद गणेश मंदिर परिसर स्थित मेला ग्राउंड पर आयोजित सामाजिक समरसता गोष्ठी में वक्ताओं ने संत रविदास के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में पूर्व ग्राम प्रधान महेंद्र सिंह बुंदेला ने कहा कि शराब और जुआ का त्याग करने वालों के बच्चों को शिक्षण शुल्क नहीं देना पड़ेगा।
इस दौरान सेवाराम अहिरवार, राजेंद्र रजक, बंशीधर श्रीवास, रक्खनलाल अहिरवार, सुदामा प्रसाद दुबे, लक्ष्मी नारायण विश्वकर्मा और विजय सिंह निरंजन ने अपने विचार रखे। वहीं, कार्यक्रम में लक्ष्मी नारायण, राहुल पाल, दल सिंह पाल, संजय पाल, सचिन पाल, संजय रजक, शैलेंद्र ने लघु नाटिका ‘अनपढ़ बहू’ तथा ‘बाल विवाह एक अभिशाप’ का मंचन किया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान सगौरिया पूरन अहिरवार, मनसुख दास बाबा, नाथूराम कुशवाहा, लक्ष्मण प्रसाद पाटकार, मोहन सैनी, वीरेंद्र रजक, जयदेव मिश्रा, राजू राजा, कैलाश नारायण गौतम, अरविंद रजक, आत्माराम, अजय, अमर सिंह, सुनील, राजधर व पुष्पेंद्र आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता शैलेंद्र सिंह बुंदेला ने की। संचालन सुरेश प्रकाश कौंते और आभार मनोहर लाल अहिरवार ने जताया।
उधर, अपना दल के कार्यालय पर संत रविदास की जयंती मनाई गई। इस दौरान मास्टर प्रताप सिंह पटेल ने कहा कि संत रविदास ने पूरा जीवन लोगों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया था। रामस्वरूप पटेल ने भी विचार व्यक्त किए।
पट्टा आवंटन में वसूली का आरोप
जाखलौन(ललितपुर)। कस्बा जाखलौन के निवासियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर राजघाट बांध के डूब क्षेत्र में पट्टा आवंटन के नाम पर वसूली करने का आरोप लगाया है। उनकी मांग है कि जिन किसानों की कृषि भूमि अधिग्रहीत की गई थी, डूब क्षेत्र के पट्टे उन्हीं किसानों को दिए जाएं। आरोप है कि पट्टा आवंटन के दौरान कर्मचारी ग्रामीणों के बीच आपसी विवाद करा रहे हैं। ज्ञापन पर गजेंद्र कुमार, राकेश, रामभरत, सूरज सिंह, दीप सिंह, प्रतिपाल सिंह, अरविंद सिंह, शेष नारायण, भरत सिंह व गोपाल सिंह आदि के हस्ताक्षर हैं।