ललितपुर। शासन ने भले ही ग्राम पंचायत में व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए नियम बनाए हों। लेकिन, तैनात अधिकारी नियमों को ताक पर रखकर अनियमितताएं कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला ब्लॉक तालबेहट अंतर्गत ग्राम पंचायत उगरपुर में सामने आया है।
ग्राम पंचायत में कार्यरत कर्मचारी सफाई कर्मी, केयरटेकर, पंचायत सहायक के वेतन भुगतान के लिए ग्राम प्रधान से स्वीकृति लेनी होती है। इसके बाद ग्राम विकास अधिकारी संस्तुति के साथ जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय भेज देते हैं, जहां से वेतन का भुगतान कर दिया जाता है। लेकिन, ग्राम पंचायत भैंसनवारा में प्रधान की संस्तुति को दरकिनार कर स्वयं ही स्वीकृति दे दी गई है। ग्राम प्रधान प्रवेश कुमारी ने दिए ज्ञापन में बताया कि ग्राम पंचायत में कार्यरत सफाई कर्मी बीते चार माह से सफाई कार्य के लिए नहीं आया है। इससे गांव में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
समस्या को लेकर लगातार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की गई। इसके बाद भी चार माह अनुपस्थित रहने के बाद भी वेतन को ग्राम पंचायत अधिकारी आशीष जोशी ने स्वीकृत कर दिया है। वेतन स्वीकृति ग्राम प्रधान के बिना स्वीकृति के कर दी गई है। साथ ही आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत अधिकारी अनियमितताएं कर रहे हैं। विकास कार्यों में रूचि नहीं दिखा रहे हैं। ऐसे में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। मामले में जांच करते हुए कार्रवाई करने की मांग की है।
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उपस्थिति व वेतन संबंधी दस्तावेज आते हैं, जिन्हें स्वीकृति देते हुए मुख्यालय भेज दिया जाता है। दोनों ही कर्मचारी के पैरोल को स्वीकृति दे सकते हैं।
- रामदास सुमन, एडीओ पंचायत, तालबेहट
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ग्राम पंचायत भैसनवारा में चार माह से सफाई कर्मी न आने के बाद भी वेतन स्वीकृति देने का मामला संज्ञान में आया है। इस पर ग्राम पंचायत अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- कुंवरसिंह यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी