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सामुदायिक शौचालयों व प्रचार-प्रसार में मिला शून्य

Sat, 04 Feb 2017 01:33 AM IST
lalitpur
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प्रशासन - फोटो : demo pic
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बीते कई महीनों से नगर पालिका के अधिकारी स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 की तैयारियों में जुटी हुई थी और सर्वेक्षण होने का इंतजार कर रही थी। बृहस्पतिवार को केंद्र से आई तीन सदस्यीय टीम ने इस इंतजार को खत्म कर दिया था और सर्वेक्षण के अंतिम दिन शुक्रवार को उक्त टीम ने सर्वेक्षण पर विराम भी लगा दिया है। टीम ने इन दो दिनों में विभागीय अभिलेखों, कार्ययोजना को अवलोकन किया और क्षेत्र में भ्रमण करके भौतिक स्थिति को देखा और नागरिकों से रूबरू होकर जागरूकता के स्तर का आंकलन किया है। सर्वेक्षण के निर्धारित बिंदुओं पर टीम ने सर्वे कर लिया है और अपनी रिपोर्ट भी तैयार कर ली है, अब यह तो बाद में ही पता चलेगा कि नगर को देश की 500 नगर निकायों में कौन सा स्थान प्राप्त होता है।      
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स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 के लिए देश के कुल 500 नगर निकायों को चुना गया था, जिसमें नगर पालिका ललितपुर भी शामिल था। वैसे तो सर्वेक्षण का कार्य विगत चार जनवरी से शुरू हो गया था, लेकिन नगर पालिका में सर्वेक्षण की तिथि अंतिम चरण में दो फरवरी निर्धारित की गई थी। इसी क्रम में सर्वेक्षण कर रही क्वालिटी कॉउंसिल ऑफ इंडिया की तीन सदसीय टीम ने बृहस्पतिवार को सर्वेक्षण के पहले दिन नगर पालिका कार्यालय में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की थी और स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए जा रहे घरेलू व सामुदायिक शौचालयों के निर्माण संबंधी कार्य समीक्षा ली और संबंधित दस्तावेजों का अवलोकन किया था। टीम ने दूसरे व अंतिम दिन नगर पालिका अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार व दोनों मुख्य सफाई निरीक्षकों के साथ क्षेत्र का भ्रमण किया और डोर-डू-डोर कचरा कलेक्शन, कचरा डंपिंग स्थल, और सामुदायिक शौचालयों निर्माण की भौतिक स्थिति को देखा और कुछ ऐसे लाभार्थियों के घर भी गए जहां स्वच्छ भारत मिशन के तहत घरेलू शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। टीम ने दोनों दिन किए सर्वे के बाद रिपोर्ट तैयार की और वापस रवाना हो गई। केंद्र की तीन सदस्यीय टीम में टीम हेड आकाश व उनके दो सहायक अमित और रविकांत रहे। वहीं, इस दौरान नगर पालिका अधिशासी अधिकारी के साथ-साथ दोनों सफाई निरीक्षकों आरके लवानियां व दिनेश बिरौनियां, स्वच्छ भारत मिशन योजना प्रभारी अभिषेक कुमार चौबे व समस्त स्वास्थ्य नायक मौजूद रहे।      



बेहतर की दिखी उम्मीद      
सर्वेक्षण करने के लिए आई टीम के हेड आकाश ने बताया कि उनको शहर में स्वच्छता को लेकर कुछ खामियां दिखाई दी हैं, लेकिन नगर पालिका की मेहनत व कार्ययोजना को देखकर उन्हें ऐसी उम्मीद है कि वह काफी बेहतर हालात बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब कुछ माह बात पुनर्सर्वेक्षण होगा। उस दौरान अभी की रिपोर्ट से तुलना की जाएगी, फिर पता चलेगा कि नगर पालिका उनकी उम्मीदों पर कितना खड़ा उतरती है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की स्थिति काफी ठीक है, लेकिन कचरा निस्तरण के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। वहीं उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा कचरा निस्तरण के लिए सोलिड वेस्ट मैनिजमेंट प्लांट की स्थापना के लिए जमीन की तलाश की जा रही है, जिस कारण प्लांट की स्थापना कार्य रुका हुआ है, इसलिए दस्तावेजों को देखते हुुए कचरा निस्तरण के पूरे अंक नहीं काटे जाएंगे। बताते चलें कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर में दस-दस सीटों वाले चार सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया जना है, जिसके लिए शासन ने विगत अगस्त माह में बजट भी उपलब्ध करा दिया है, लेकिन अभी तक नगर पालिका धरातल पर निर्माण कार्य शुरू नहीं करा पाई है। इसके अलावा टीम ने शहर में हो रहे पॉलीथिन के उपयोग की अधिकता को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की है। वहीं, प्रचार-प्रसार के अभाव में नगर पालिका के पूरे 45 अंक मारे गए हैं, क्योंकि आचार संहिता के चलते जिला प्रशासन ने नगर पालिका द्वारा शहर में लगाए गए होर्डिंग व पोस्टरों को हटा दिया था। टीम ने प्रचार-प्रसार के पूरे 45 अंक काट दिए हैं।
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