ललितपुर। कंपोजिट विद्यालय टेनगा को निजी स्कूल से भी बेहतर बनाने वाले शिक्षक सचिन निरंजन को राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। यह पुरस्कार उन्हें शिक्षक दिवस पर दिया जाएगा।
ब्लॉक बिरधा अंतर्गत ग्राम टेनगा में कंपोजिट विद्यालय है। इस विद्यालय में 323 छात्र-छात्राएं हैं और दो अनुदेशक सहित आठ का स्टाफ है। सचिन निरंजन इस विद्यालय में वर्ष 2014 से तैनात हैं, जोकि इंचार्ज प्रधानाध्यापक हैं। वर्तमान में यह विद्यालय किसी निजी से कम नहीं है। यहां बच्चों को शिक्षा देने के लिए स्मार्ट क्लास, साइंस लैब, लाइब्रेरी, वाटर कूलर, एजूकेशन पार्क, खेल मैदान आदि है। कृषि वाटिका भी बनाई गई है। छात्रों की उपस्थिति भी ठीक रहती है। बच्चों को प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाई कराई जाती है। सचिन निरंजन ने बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने के लिए कई नवीन तकनीकी का प्रयोग किया। साथी शिक्षक व विभाग के अधिकारियों ने सचिन को बधाई व शुभकामनाएं दीं। सचिन ने पुरस्कार के लिए चयनित होने का श्रेय माता-पिता और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिया।
सचिन ने बताया कि वह मूल रूप से जनपद जालौन में उरई के निवासी हैं। वर्ष 2009 में वह शिक्षक के लिए चयनित हुए। पहली पोस्टिंग ललितपुर में ब्लॉक महरौनी के प्राथमिक विद्यालय पाली में मिली। इसके बाद वह प्राथमिक विद्यालय डोंगराखुर्द व प्राथमिक विद्यालय अनौरा में कार्यरत रहे। वर्ष 2014 में उनका स्थानांतरण कंपोजिट विद्यालय टेनगा में हुआ।
बेटी के शब्दों ने बदली दिशा : सचिन बताते हैं कि वर्ष 2013 में उन्होंने अपनी बड़ी पुत्री मान्या से अपने स्कूल चलने को कहा। पुत्री ने कहा कि उनके स्कूल में ऐसा क्या है कि वह वहां जाए। यह बात दिल को ऐसी छू गई कि उन्होंने अपने विद्यालय को निजी से भी अच्छा बनाने का संकल्प लिया। कंपोजिट विद्यालय टेनगा में जब वह पहुंचे तो उन्होंने अपने वेतन का कुछ हिस्सा यहां की व्यवस्थाओं पर खर्च करना शुरू किया। इसके बाद अधिकारियों का सहयोग मिलता गया। अब उनकी पुत्री मान्या क्या अधिकारी से लेकर शासन की टीम तक इस विद्यालय को देखने आती है।
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स्वयं के तीन लाख रुपये से बनवाई लैब : बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने और विज्ञान के प्रति उनकी रुचि जगाने के लिए सचिन ने अपने विद्यालय में साइंस लैब का निर्माण कराया। सचिन बताते हैं कि इसके लिए उन्होंने अपने स्वयं के तीन लाख रुपये खर्च किए। अब इस साइंस लैब में उनके विद्यालय के बच्चे विज्ञान की बारीकियां सीखते हैं।
बच्चों को हर माह देते हैं इनाम : छात्र-छात्राओं की उपस्थिति शत प्रतिशत करने के लिए सचिन बच्चों को हर माह इनाम देते हैं। महीने में जो बच्चा सर्वाधिक उपस्थित रहता है उसको इनाम देकर पुरस्कृत करते हैं।
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शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर सचिन निरंजन को राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उनका चयनित होना अन्य शिक्षकों लिए प्रेरणा बनेगा।
रणवीर सिंह, बीएसए