नगर पालिका परिषद ने जलभराव की समस्या को समाप्त करने के लिए विभिन्न जगहों पर पुलियों की सफाई कराई, लेकिन उन्हें बंद करना भूल गई है। इससे नगरवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जहां खुली पुलियों में गंदगी दोबारा एकत्रित होने लगी है। वहीं, आए दिन लोग इनमें गिरकर चुटहिल हो रहे हैं। इसके बाद भी खुली पुलियों को बंद कराने की सुध नहीं ली जा रही है। इससे स्थानीय लोगों में पालिका के प्रति असंतोष पनप रहा है।
नगर पालिका परिषद शहर की साफ-सफाई पर हर महीने लाखों रुपये खर्च कर रही है। तमाम सफाई कर्मियों को आउट सोर्सिंग के जरिये रखा गया है। इनमें कुछ नाला गैंग में काम कर रहे हैं तो कुछ बाजार में रात्रिकालीन सफाई के लिए लगाए गए हैं। इन सबके बाद भी शहर की साफ-सफाई पटरी पर नहीं आ पाई है। जब शहर में बारिश होती है तो इस दौरान जो हालात बनते हैं। जिसे देख पालिका कर्मियों के पास कोई जवाब नहीं रहता है। बीते महीनों में नझाई बाजार स्थित जूता चप्पल लाइन में एक होटल के पास पुलिया खोला गया था। सफाई कर्मियों ने इसकी सफाई की लेकिन इसे दोबारा बंद नहीं किया। इससे नाली में दोबारा कचरा इकट्ठा होने लगा है।
इसी तरह पुरानी तहसील तिराहे के पास जल निकासी के लिए पुलिया खोली गई। उसे भी यूं ही सफाई कर खुला छोड़ दिया गया है। दोनों ही मार्ग व्यस्त रहते हैं, इससे हर समय हादसे का अंदेशा बना रहता है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि कई लोग अंधेरे में खुली पुलिया में गिरकर चुटहिल हो जाते हैं। सबसे ज्यादा खतरा वाहन चालकों के लिए बना रहता है। यदि कोई वाहन चालक अनियंत्रित होकर गिरा तो जानमाल की हानि होना तय है। कई बार पुलिया बंद कराने के लिए पालिका कार्यालय में कहा गया लेकिन किसी ने खुली पुलियों को बंद कराना उचित नहीं समझा। ऐसे में समस्या जस की तस बनी हुई है।
पुलिया कराई जाएगी बंद
सफाई के दौरान जो भी पुलिया खुली रह गई हैं, उन्हें शीघ्र ही बंद करा दिया जाएगा। यदि गंदगी अभी भी है तो दोबारा सफाई कराई जाएगी।
अवनींद्र कुमार, अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद