नेहरू महाविद्यालय में आयोजित एनसीसी भर्ती परीक्षा में 21 छात्र ही चयनित हो पाए, जबकि दो गुना छात्रों को असफलता हाथ लगी। वक्ताओं ने चयनित छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि एनसीसी प्रशिक्षण युवाओं में आत्मविश्वास पैदा करने की प्रथम सीढ़ी है।
उप्र एनसीसी बटालियन झांसी के कमान अधिकारी ले. कर्नल शैलेंद्र सिंह के निर्देशन में झांसी से आए हवलदार जसपाल सिंह, प्राचार्य डा. अवधेश अग्रवाल एवं एनसीसी के कंपनी कमांडर कैप्टेन पंकज शर्मा की मौजूदगी में एनसीसी भर्ती में शामिल होने आए अभ्यर्थियों का शारीरिक व मानसिक परीक्षण किया गया। इनमें 400 मीटर दौड़, 100 मीटर स्प्रिंट, 20 पुशअप, 30 सिटअप व पद संचालन कराया गया। इस दौरान 68 अभ्यर्थियों में से कुल 21 छात्र एनसीसी भर्ती में पास हो पाए। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अवधेश अग्रवाल ने चयनित कैडेट को शुभकामनाएं देते हुए आह्वान किया कि विद्यार्थी अनुशासित रहकर ही विकास के पथ पर आगे बढ़ सकता है।
युवा नैतिक एवं चारित्र रूप से उन्नत होकर ही राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं। इस तरह के प्रशिक्षण से विद्यार्थी राष्ट्ररक्षा के साथ ही राष्ट्र के उत्थान के लिए बेहतर एवं योजनाबद्व तरीके से कार्य करने की सीख लेते हैं। कंपनी कमांडर कैप्टन पंकज शर्मा ने कहा कि एनसीसी में युवाओं के लिए बेहतर भविष्य की संभावनाएं हैैं। आज के युवाओं को सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर देश सेवा के लिये सदैव तत्पर रहंना आवश्यक है। हवलदार जसपाल सिंह ने कहा कि एनसीसी का उद्देश्य कैडेट को व्यवहारिक प्रशिक्षण के आधार पर उसे इतना प्रबल बनाना होता है, जिससे कि वह आगे चलकर जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफलता के झंडे गाढ़ सके
। कैडेटों को उनकी योग्यता एवं परिश्रम के आधार पर ‘बी‘ एवं ‘सी’ प्रमाणपत्र दिये जाते हैं, जो उनके भविष्य को उज्जवल बनाने में सहायक होते हैं। इन प्रमाणपत्रों के आधार पर सशस्त्र सेनाओं एवं प्रादेशिक शासकीय सेवाओं में विशेष प्राथमिकतायें प्रदान करने का प्रावधान है। इस मौके पर अंडर ऑफीसर विवेक कुमार,, कैडेट योगेंद्र सिंह, हिंमाशु पटेल, सोहेल खान, मृगांक यादव, अंगद सिंह, तेज प्रताप, अंकित चौबे, हरदयाल भरत, मंगल, मिलन एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर फहीम बख्श आदि उपस्थित रहे।