सैयद बाली शाह की दरगाह पर जियारत करते जायरीन।
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ललितपुर। शब-ए-बरात पर कब्रिस्तानों में जाकर लोगों ने अपने बुजुर्गों की कब्रों पर फातिहा पढ़कर उनकी मगफिरत के लिए अल्लाह से दुआ की। इसके अलावा रात भर मस्जिदों में भी इबादतों का दौर चलता रहा।
शब-ए-बरात यानी निजात की रात। इस रात को इबादत कर दुआ मांगने वालों की अल्लाह दुआ कबूल करता है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित कब्रिस्तानों में लोगों ने जाकर फातिहा पढ़ा। यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। इसके लिए कब्रिस्तानों में साफ सफाई के साथ रोशनी की भी व्यवस्था की गई थी। मस्जिदों में भी इबादत के लिए सारे इंतजाम किए गए थे। कई स्थानों पर लंगर का भी इंतजाम किया गया।
हजरत सदनशाह बाबा रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह शरीफ पर फातिहा पढ़ने जाते लोग।- फोटो : LALITPUR