नगर पालिका क्षेत्र में लगे विज्ञापन होर्डिंग शुल्क वसूली का ठेका विगत सितंबर माह में समाप्त हो चुका है, नया ठेका विज्ञापन शुल्क में बढ़ी दरों के आधार पर किया जाना था। ठेका समाप्त हुए करीब साढ़े तीन माह बीत चुके हैं, लेकिन नगर पालिका अभी तक विज्ञापन शुल्क की नवीन नियमावली लागू करने की प्रक्रिया पूर्ण नहीं कर सकी है। यदि प्रक्रिया इसी मंदगति से चलती रही तो आने वाले नवीन वित्तीय वर्ष के ठेका प्रक्रिया में विलंब पैदा होगा और विभाग को राजस्व की क्षति होना भी तय है।
शहर में प्रचार-प्रसार के लिए लगने वाले होर्डिंगों, बैनर-पोस्टर आदि विज्ञापन सामग्री से नगर पालिका विज्ञापन शुल्क वसूलती है। इस विज्ञापन शुल्क वसूली के लिए नगर पालिका ठेका प्रक्रिया अपनाती है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2016-17 का विज्ञापन शुल्क वसूली का ठेका मात्र छह माह का किया था, इसके पीछे विभाग की कार्ययोजना थी कि वह इस बीच विज्ञापन शुल्क की दरों में बढ़ोतरी करने का वैधानिक कार्रवाई पूर्ण कर लेगी। इसके बाद अक्टूबर माह से बढ़ी हुई नवीन दरों से वसूली का ठेका किया ीजाएगा। मार्च से सितंबर माह तक छह माह का समय तो बीत ही गया साथ ही विभाग ने साढ़े तीन माह अतिरिक्त भी ले लिए हैं, लेकिन अभी तक विभाग विज्ञापन शुल्क में बढ़ोतरी की नवीन नियमावली लागू करने की प्रक्रिया पूर्ण नहीं कर पाया है। वर्तमान में नगर पालिका दो दशक पुरानी विज्ञापन शुल्क दरों के आधार पर ही वसूली कर रही है। नवीन नियमावली लागू करने के लिए नियमानुसार विभाग द्वारा पूर्व में ही नवीन गजट नियमावली का सार्वजनिक प्रकाशन किया जा चुका है और जनता व विज्ञापन एजेंसियों द्वारा कोई आपत्ती नहीं आने पर बोर्ड से भी मंजूरी कर ली गई है और जनपद स्तर पर अंतिम बार भी गजट नियमावली का प्रकाशन हो चुका है। अब केवल शासन स्तर पर ही गजट का प्रकाशन होना शेष रह गया है, लेकिन नगर पालिका ने अभी तक शासन को गजट प्रशासन के लिए पत्राचार की कार्रवाई भी शुरू नहीं की है। नियमानुसार नगर पालिका शासन में गजट प्रकाशन के लिए शासन को पत्र भेजेगा, इसके बाद शासन से गजट प्रकाशन में व्यय का स्टीमेट बनकर नगर पालिका के पास आए। इसके बाद विभाग उक्त व्यय धनराशि को चालान के माध्यम से शासन के कोष में जमा करेगा। इसके बाद गजट प्रकाशन कर निर्धारित समय में नवीन नियमावली लागू की जा सकेगी। इस प्रक्रिया को पूर्ण होने में करीब दो महीने का समय लग सकता है, लेकिन आचार संहिता के कारण इसमें और भी अधिक देरी हो सकती है। इससे यह तय है कि नगर पालिका नवीन वित्तीय वर्ष 2017-18 का विज्ञापन वसूली का ठेका नई दरों के आधार पर नहीं कर सकेगा। इससे विभाग को कई गुना राजस्व की क्षति होना तय है।
दरों में कई गुना बढ़ोतरी के साथ सख्त नियम भी होंगे लागू
नगर पालिका द्वारा तैयार की गई नवीन गजट नियमावली में होर्डिंग, बैनर, पोस्टर व अन्य विज्ञापन प्रचार-प्रसार सामग्री लगाने के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं। साथ ही वर्तमान में दो दशक से पुराने लागू दरों में भी 50 से 100 गुना तक बढ़ोतरी कर दी गई है, जो क्षेत्र के अनुसार वर्गीकृत किया गया है। नगर में लगने वाले विद्युत व प्रदीप्त विज्ञापन, भू-विज्ञापन, छत, बरामदा, दीवार, प्रक्षिप्त, विशेष प्रकार की छतरी, पताका-झंडी विज्ञापन, शामियाना, गुब्बारा, अस्थाई, सचल-मोबइल, विविध विज्ञापन व अन्य समस्त प्रकार के विज्ञापनों पर विज्ञापन शुल्क वसूलेगी। नगर पालिका क्षेत्र में कहीं पर भी विज्ञापन व प्रचार-प्रसार संबंधित सामग्री लागने से पहले विभाग द्वारा गठित स्थल चयनित समीति से अनुमति लेनी होगी। दुकानदार भी अब केवल अपनी दुकान के ऊपर प्रतिष्ठान, फर्म व अपना नाम और टिन नंबर की अंकित कर सकेंगे। विज्ञापन स्थल चयनित समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी रहेगें और इस समिति के सदस्यों में नगर पालिका अधिशासी अधिकारी, पीडब्लूडी अधिशाषी अभियंता, यातायात पुलिस अधिकारी और विद्युत विभाग के अधिशाषी अभियंता रहेगें। यह समिति शहर में लगने वाले होर्डिंग के स्थलों का चयन करेगी, ताकि शहर की सुंदरता, यातायात व्यवस्था बाधित न हो और जनता को भी समस्या न हो।
जल्द शुरू किया जाएगा पत्राचार
विज्ञापन शुल्क की नवीन गजट नियमावली को लागू कराने के लिए स्थानीय स्तर पर समस्त कार्रवाई पूर्ण हो चुकी है। अब केवल शासन को गजट नियमावली भेजने की देरी है। विधानसभा चुनाव में बढ़ गई व्यवस्था के कारण शासन को गजट भेजने में थोड़ी देरी हो सकती है, लेकिन जल्द से जल्द भेजने का पूरा प्रयास किया जाए। नियमानुसार बाकी की कार्रवाई भी पूर्ण कर ली जाएगी।
-अनिल कुमार अरुण
कर निर्धारण अधिकारी, नगर पालिका।