ललितपुर। मंगलवार को पुलिस के डर से फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले किशोर के परिजनों के साथ स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों ने अमानवीय व्यवहार किया। पहले जहां एंबुलेंस चालक ने बिना पैसे लिए आगे बढ़ने से इंकार कर दिया, वहीं दूसरी तरफ जिला अस्पताल में शवगृह में शव रखने के लिए परिजनों से सुविधा शुल्क वसूला गया।
मृतक बच्चू लोधी के पिता पप्पू ने बताया कि मंगलवार को गिरार थाना के ग्राम कारीटोरन में उसके बेटे ने फांसी लगा ली थी। गंभीर हालत में उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां हालत गंभीर होने के कारण उसे झांसी रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल से झांसी जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई, बल्कि निजी एबुलेंस से भेजा गया। गंभीर बच्चू की तालबेहट के पास ही मौत हो गई। बच्चे की मौत पर एंबुलेंस चालक ने रुपये मिलने पर वापस ललितपुर चलने की बात कही। इसको लेकर वह काफी देर तक मिन्नतें करता रहा, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। गरीब किसान पप्पू ने एक हजार रुपये एंबुलेंस चालक को दिए, तब कहीं जाकर वह ललितपुर आया।
बच्चे की मौत से बेहाल परिजनों के बदसलूकी यहीं नहीं रुकी। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल के शव गृह में रखने की बात कही। जब परिजन शव को लेकर शवगृह पहुंचे, तो वहां तैनात कर्मचारी ने पांच सौ रुपये की मांग की। परिजनों ने मना किया तो उसके साथ कर्मी ने अभद्रता कर दी। आखिरकार साढ़े तीन सौ रुपये लेने के बाद ही शव को शवगृह में रखा गया। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम हुुुुआ।
शवगृह में शव रखने के लिए रुपये मांगने का मामला गंभीर है। संबंधित कर्मचारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निजी एंबुलेंस चालकों पर कार्रवाई के लिए एआरटीओ से सहयोग मांगा गया है।
- डा. संजय कुमार वासवानी
सीएमएस जिला चिकित्सालय