ललितपुर। शासन ने जिले में वायु मार्ग के लिए भले ही कहवाई अड्डे को मंजूूरी प्रदान कर दी हो, लेकिन एक सच यह भी है कि जनपदवासियों को अभी तक सड़क मार्ग सुगम नहीं हो पाया है। यहां परिवहन विभाग ने 24 रोडवेज बसों के परमिट जारी किए गए हैं लेकिन हकीकत में केवल पांच बसें ही सड़क पर दौड़ रही हैं।
जनपद में वर्ष 2015 में ब्लॉक जखौरा के ग्राम रोड़ा में रोडवेज डिपो की सौगात दी गई थी लेकिन पांच वर्ष बीतने के बाद भी डिपो का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। हालांकि, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दो माह में रोडवेज डिपो बनकर तैयार हो जाएगी।
वहीं जिले में रोडवेज विभाग को 24 बसों के संचालन को विभिन्न मार्गों पर परमिट जारी किए गए हैं। लोहिया बस सेवा की शुरुआत में तो सड़कों पर 24 बसों का संचालन किया गया, लेकिन इसके बाद जिम्मेदारों की उदासीनता की भेंट चढ़ गई।
अधिकारियों ने मनमानी करते हुए धीरे-धीरे बसों की संख्या कम कर दी है। वर्तमान में 24 बसों के सापेक्ष मात्र पांच बसों का ही संचालन किया जा रहा है। लोगों केे आवाजाही के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
इन बसों का हो रहा संचालन
झांसी से ललितपुर के लिए दो रोडवेज की नॉन स्टाप बसें चलाई जा रहीं है। ललितपुर-लखनऊ के लिए एक बस चलाई जा रही है। नवागढ़ के लिए बस चलाई जा रही है। इसके अलावा एक भी बस नहीं चल रही है।
-----
ललितपुर में बसों का संचालन कम होने की जानकारी हुई है, जिस पर जांच कर बसों की संख्या को बढ़ाया जाएगा।
रामलवट, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक-रोडवेज डिपो, झांसी