ललितपुर। कोरोना काल में रोडवेज बस चालकों की मनमानी का शिकार यात्रियों को होना पड़ रहा है। कई बसें अचानक ही बंद की जा रही हैं तो कुछ बसें समय से पहले नीयत स्थान छोड़ रही हैं। ऐसे में यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। वहीं, कम यात्री मिलने से विभाग को राजस्व की चपत भी लग रही है।
जिले में कोरोना काल से अब तक कई निजी बसों का संचालन नहीं हो सका है। इससे सड़क पर सीमित बसों का संचालन हो रहा है। ऐसे में यात्रियों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। कई बसों में सामाजिक दूरी का पालन तक नहीं हो रहा है। इससे कई लोग अब भी निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। कोरोना काल के बाद बसों की पहले से ही कमी बनी हुई है। ऐसे में जिले में चलाई गई दो दर्जन रोडवेज बसें यात्रा के लिए सहरा बन रही थीं, लेकिन परिवहन निगम के जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते बसों की संख्या दिनों दिन कम होती जा रही है।
जहां मड़ावरा प्रयागराज को जाने वाली बस सेवा दो माह से ठप हो गई है। वहीं, ललितपुर में रात्रि आठ बजे से झांसी जाने वाली झांसी-गुढ़ा का संचालन बंद हो गया है। इसके साथ ही झांसी से पाली को जाने वाली बस नहीं चलाई जा रही है। इसके अलावा अन्य भी कई बसों को बंद कर दिया गया है। इससे लोगों को आवागमन में अधिक सुविधा हो रही है।
इसके अलावा कई बसे चालकों की मनमानी की भेंट चढ़ गईं है। यहां पर सबसे पुरानी ललितपुर लखनऊ बस भी चालक मनमाने तरीके से चला रहे हैं। इस बस का ललितपुर से शाम को चलने का समय सात बजकर पंद्रह मिनट है, लेकिन यह बस लगातार दो माह से सात बजे ही बस स्टैंड से निकल रही है। इसके साथ ही झांसी से नवागढ़ को जाने वाली बस समय से आधा घंटे पहले ही बस स्टैंड छोड़ रही है। ऐसे में कई सवारियां बस के इंतजार में बस स्टेंड पर खड़ी रहती हैं। लेकिन बसें कभी-कभी तो बस स्टैंड के पहले से ही भाग जाती है। ऐसे में यात्रि बसों के इंतजार में बस स्टैंड पर बैठे रहते हैं। बाद में पता चलता है कि बस अभिलाषा पेट्रोल पंप से या जेल चौराहा से ही वापस हो गई है। ऐसे में शाम के समय में सवारियां फंस जाती है। ऐसे में कई सवारियों को अधिक पैसे खर्च निजी वाहनों के सहारे घर पहुंचना पड़ता है तो कई टीन शेडों के सहारे रात बिताने को मजबूर बने हुए हैं। इसके बाद भी अधिकारी अनदेखा कर रहे हैं। इससे चालकों की मनमानी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
रोडवेज बसों के संचालन का समय तय किया गया है। इसके बाद भी चालक मनमाने समय पर संचालन कर रहे हैं। ऐसे चालकों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
- रामलवट, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम, झांसी डिपो