बिरधा में गढ्डों में तब्दील सड़़क
- फोटो : LALITPUR
बिरधा/ललितपुर। बिरधा कस्बा में नेशनल हाइवे से कस्बे के अंदर आने वाली सड़क विगत बारह वर्षों से बदहाल पड़ी है। कई वर्षों तक प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के अधिकारी इस सड़क को नेशनल हाइवे की परिसंपत्ति बता कर इस सड़क से अपना पीछा छुड़ाते नजर आए। तत्कालीन जनप्रतिनिधियों ने इस सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग में हस्तांतरित करा दिया था। प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के उच्च अधिकारियों ने अभी तक इसके नव निर्माण का प्रस्ताव शासन को नहीं भेजा है, इसका खामियाजा क्षेत्र की जनता विगत 12 वर्षों से भुगत रही है।
कस्बा बिरधा में लगभग दस हजार की आबादी है। यहां कार्यालय खंड विकास अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्यकेंद्र एवं बैंक के अतिरिक्त राजकीय कृषि बीज भंडार की गोदाम समेत ब्लॉक स्तरीय शासकीय ओर अन्य गैर शासकीय संस्थाएं हैं जिस कारण क्षेत्र की एकबड़ी आबादी का आवागमन यहां होता रहता है। प्रदेश में सरकार बदलते ही गड्ढा मुक्त सड़क का सरकार ने अभियान चलाया इस अभियान में भी कस्बा वासियों को कुछ खास हासिल नहीं हुआ। जनप्रतिनिधियों ने महरौनी विधायक ओर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री श्रम एवं सेवायोजन मनोहर लाल पंथ को अनेक बार इस ज्वलंत समस्या से अवगत कराया लेकिन अभी तक इस समस्या का समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते रोड का निर्माण शीघ्र नहीं कराया गया तो कस्बा बिरधा के ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
कस्बा बिरधा के अंदर की सड़क का प्रस्ताव शासन स्तर पर भेज दिया गया है। इसमें 800 मीटर हैवी आरसीसी की सड़क जिसकी अनुमानित लागत लगभग 1.50 करोड़ है, से सड़क का निर्माण कराया जाना है। शासन स्तर से धनराशि स्वीकृत होने के बाद सड़क का निर्माणकार्य प्रारंभ कराया जाएगा।
- संजीव सक्सेना, अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग ललितपुर