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बेटे का नामकरण भी नहीं कर सके

Mon, 12 Jun 2017 12:45 AM IST
lalitpur
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प्रशासन - फोटो : amar ujala
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बेटे के नामकरण के लिए भोपाल से जालौन जा रहे बिपिन दुबे समेत परिवार के चार लोगों की हादसे में मौत की सूचना से उनके घर में कोहराम मच गया है। हादसे में दुबे के परिवार के दोनों चिराग मौत का शिकार हो गए। बिपिन अपने पिता की इकलौती संतान थे। करीब सवा महीने पहले जन्में बेटे से घर में खुशियां आई थीं।
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मध्य प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल भोपाल के सुल्तानिया पार्क निवासी बिपिन कुमार दुबे अपने परिवार में इकलौते थे। उनके मौसेरे भाई नंदकिशोर और पिता रामलाल के मित्र दिनेश शर्मा ने बताया कि रामलाल और बिपिन हंसमुख और मिलनसार थे। उन्होंने बताया कि रामलाल मध्य प्रदेश पुलिस में हेड कांस्टेबल थे, 2004 में उनकी मौत के बाद बेटे बिपिन को अनुकंपा नीति के तहत 2016 में नौकरी मिली थी। बिपिन मूल रूप से जिला जालौन के ग्राम खर्रा हरकोटी के निवासी थे। बताया कि बिपिन का विवाह 2007 में दतिया निवासी पद्मनी से हुआ था। समय के साथ पद्मनी ने आशी और अंशिका के रूप में दो बेटियों को जन्म दिया था। चूंकि बिपिन भी अपने परिवार के एकलौते थे, अब दो बेटियों के बाद उन्हें वंश चलाने के लिए एक बेटे की जरूरत थी। काफी मन्नतों के बाद करीब एक साल पहले पद्मनी ने बिपिन की मुराद पूरी कर दी और एक सुंदर बेटे को जन्म दिया। बेटे के आने से घर में खुशियां छा गईं। खुशी में शनिवार को भोपाल स्थित घर में पार्टी का आयोजन किया गया था। सब बेहद खुश थे।


परिजनों ने बताया कि बेटे के नामकरण के लिए सबने बिपिन को जालौन चलने की बात कही थी। इस पर वह रविवार को जालौन के लिए परिवार समेत निकला था। झांसी-ललितपुर होते हुए वह तालबेहट तहसील क्षेत्र के झरर घाट पहुंचे थे कि हादसे का शिकार हो गए। हादसे में बिपिन दुबे, उनकी माता सरोज दुबे, बेटी आशी और एकलौते पुत्र की मौत हो गई। हादसे की सूचना के बाद से भोपाल स्थित घर और जालौन स्थित ससुराल में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस दुर्घटना से पड़ोसी भी दुखी हैं।
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कई हादसों को दे चुका अंजाम यह स्थान   
राजमार्ग पर जिस स्थान पर कारों की आमने सामने भिडंत हुई है। वहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। इसके बाद भी राजमार्ग की देखरेख करने वाली कंपनी ने किया सबक नहीं लिया। ग्रामीणों के अनुसार सड़क पर एक ओर काम चलने के बावजूद वहां कोई संकेतक तक नहीं लगाया गया है। यही वजह है कि दोनों कारें अचानक एक-दूसरे के सामने आग गईं और हादसा हो गया। बता दें कि घटना की जानकारी मिलने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह, एसडीएम नरेन्द्र सिंह, सीओ कुंवर बहादुर सिंह घटना स्थल एवं सीएचसी पहुंच गए।
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