संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। थाना बार क्षेत्र के ग्राम चिकलौआ निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक राजाराम गोस्वामी (78) ने नौ जुलाई को विषाक्त पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या कर ली थी। मौत से पहले उन्होंने तीन सुसाइड नोट लिखे थे। अब पुलिस इन सुसाइड नोटों की प्रामाणिकता की वैज्ञानिक जांच कराने की तैयारी कर रही है। इसके लिए तीनों नोट हस्तलेखन परीक्षण (हैंडराइटिंग एक्सपर्ट जांच) के लिए लैब भेजे जाएंगे।
सुसाइड नोट में राजाराम गोस्वामी ने वर्ष 2002 की एक घटना का उल्लेख करते हुए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक एलवी एंटोनी देव कुमार समेत गांव के गोकुल प्रसाद, कामता प्रसाद, देवेंद्र कुमार, गुलाब और छोटेलाल को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया था। इस मामले में थाना बार पुलिस ने 10 जुलाई को तत्कालीन एसपी सहित छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक स्तर पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। थाना बार प्रभारी निरीक्षक रमेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। सुसाइड नोटों की हस्तलेखन जांच कराए जाने समेत सभी पहलुओं पर कार्रवाई की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।