आखिरकार सांसद निधि से बस स्टैंड पर यात्री प्रतीक्षालय शुरू हो गया है। आचार संहिता को देखते हुए बिना उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित कि ए इसे जनता के खोल दिया गया है। रखरखाव की जिम्मेदारी बस यूनियन ने ली है। प्रतीक्षालय के शुरू होने से लोगों को राहत मिलेगी।
जिला मुख्यालय पर मुहल्ला घुसयाना में स्थित अंतर्राज्यीय बस स्टैंड से प्रतिदिन 150 निजी व सरकारी रोडवेज बसों का संचालन होता है। करीब चार हजार से अधिक यात्री प्रतिदिन बस स्टैंड पर आते-जाते हैं। इस बस स्टैंड पर यात्रियों की सुविधा के लिए प्रतीक्षालय की कोई व्यवस्था नहीं थी। यात्रियों को मूसलाधार बारिश, कड़ी धूप व कड़ाके की सर्दी में खुले आसमान के नीचे बैठकर बसों का इंतजार करना पड़ता था।
इस समस्या को देखते हुए क्षेत्रीय सांसद उमा भारती ने बस यूनियन के पदाधिकारियों की मांग पर सांसद निधि से प्रतीक्षालय निर्माण को धनराशि आवंटित की थी। निर्माण कार्य नवंबर माह में शुरु किया गया था। प्रतीक्षालय में तमाम अड़चनें आईं। किसी तरह यह पूरा हो पाया।
इस संबंध में बस यूनियन जिलाध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि प्रतीक्षालय के रखरखाव व साफ-सफाई के लिए यूनियन द्वारा एक कर्मचारी नियुक्त कर दिया गया है। प्रतीक्षालय के बनने से यात्रियों को काफी सहूलियत होगी। बतातें चलें कि इस प्रतीक्षालय का निर्माण करीब साढ़े बारह लाख रुपए की लागत से कराया गया है। इसमें यात्री प्रतीक्षालय कक्ष के साथ-साथ महिला व पुरुष के लिए अलग-अलग आरक्षित शौचालय की व्यवस्था भी है।
अमर उजाला ने जनहित में लगातार उठाया मुद्दा
बस स्टैंड पर प्रतीक्षालय के अभाव में यात्रियों को काफी समस्याओं को सामना करना पड़ता था। इस समस्या को अमर उजाला ने हमेशा प्रमुखता से उठाया। वर्ष 2015 के नवंबर माह में सांसद निधि से बनाए जा रहे प्रतीक्षालय की नीव डालकर पिलर खड़े कर लिए गए थे, लेकिन एमईएस के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवा दिया था। रक्षा विभाग से एनओसी लेने के बाद ही निर्माण कार्य दोबारा शुरु करने की बात कही थी। इसके बाद जिम्मेदार अधिकारी व प्रशासन प्रतीक्षालय का निर्माण कराने की सुध भूल गया था। इस संबंध में अमर उजाला ने 29 जनवरी के अंक में ‘कब खत्म होगी प्रतीक्षालय की प्रतीक्षा’ नमक शीर्षक से समाचार को प्रकाशित किया था। इसके बाद नगर पालिका ने 19 फरवरी को तालबेहट छावनी के स्टेशन कमांडर को पत्र भेजकर एनओसी की मांग की थी। एनओसी का पत्र जारी होने के बाद एक बार फिर पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। अमर उजाला ने 19 मई के अंक में ऽकब होगा बस स्टैंड पर प्रतीक्षालय का निर्माण शीर्षक से समाचार को प्रकाशित किया था। इसके बाद अमर उजाला ने 13 जुलाई के अंक में बस स्टैंड पर बारिश से बचने का नहीं कोई सहारा नामक शीर्षक से समाचार को प्रकाशित किया। चेती नगर पालिका ने एनओसी के लिए रिमांडर भेजा और फिर एमईएस अधिकारी ने विगत 12 सितंबर को उक्त प्रतीक्षालय का निर्माण कराने के लिए एनओसी जारी कर दी थी। एनओसी जारी होने के बाद भी काफी लेटलतीफी बरती गई थी। एनओसी जारी हुए पूरा एक माह बीत गया था, लेकिन जब कार्यदायी संस्था यूपी सिडको द्वारा निर्माण कार्य दोबार शुरु नहीं किया गया तो 13 अक्टूबर के अंक में अनापत्ति के बाद भी नहीं बन रहा प्रतीक्षालय नामक शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया। इसके बाद काम में तेजी आई।
नगर पालिका भूली अपना प्रतीक्षालय
स्थानीय संत कबीरदास बस अड्डा का निर्माण नगर पालिका द्वारा वर्ष 2010 में कराया गया था। आधुनिक बस स्टैंड के नाम पर तत्कालीन बोर्ड ने लाखों रुपये व्यय करके केवल सीमेंट वाले प्लेटफार्म (फर्श) का ही निर्माण कराया है। इसके अलावा नपा द्वारा सुविधाओं का कोई खास इंतजाम नहीं किया गया। बाद में नपा ने यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण कार्य शुरू कराया था, लेकिन किन्हीं कारणों से प्रतीक्षालय कार्य पूर्ण नहीं हो सका। कुछ समय बाद माह जुलाई 2012 में नगर पालिका का नया बोर्ड गठित हुआ, इस बोर्ड ने अपना साढ़े चार वर्ष का कार्यकाल निकाल दिया है, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा अब तक अधूरे पड़े बस स्टैंड व यात्री प्रतीक्षालय की ओर अब तक कोई ध्यान नहीं दिया है।