ललितपुर। जनपद में रबी की फसलों के लिए लगभग पचास हजार मीट्रिक टन डीएपी की जरूरत होती है। इतनी ही मात्रा में यूरिया की भी आवश्यकता होती है। वर्तमान में जिले में करीब 14,900 मीट्रिक टन डीएपी और 19 हजार मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक उपलब्ध है।
शासन द्वारा लक्ष्य आवंटन निर्धारित होने के बाद डीएपी, यूरिया और एनपीके जरूरत के अनुसार जिले में पहुंचाए जाते हैं। खरीफ की फसलों में अब तक कुल 11,679 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण हुआ है। इसमें 7236 मीट्रिक टन के लक्ष्य के सापेक्ष 5347 मीट्रिक टन यूरिया वितरित हुआ। 9458 मीट्रिक टन डीएपी के लक्ष्य के मुकाबले 5571 मीट्रिक टन डीएपी का वितरण हुआ। एमओपी उर्वरक का वितरण 70 मीट्रिक टन के सापेक्ष पांच मीट्रिक टन रहा। एनपीके उर्वरक का वितरण 1720 मीट्रिक टन के सापेक्ष 627 मीट्रिक टन हुआ। सुपर फास्फेट का वितरण 132 मीट्रिक टन के सापेक्ष 129 मीट्रिक टन हुआ। खरीफ सीजन का वितरण सितंबर माह के अंत तक पूरा होगा। इसके बाद अक्तूबर में रबी फसल के लिए खाद वितरण का लक्ष्य मिलेगा।
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पिछले वर्ष रबी सीजन की स्थिति
बीते वर्ष रबी सीजन में खाद्यान्न, दलहन और तिलहन की कुल 3,22,646 हेक्टेयर बोआई का लक्ष्य था। इसके सापेक्ष 3,22,983 हेक्टेयर में बोआई हुई, जो 100.10 फीसदी रही। डीएपी वितरण का लक्ष्य 36,926 मीट्रिक टन निर्धारित किया गया था। यूरिया और अन्य खाद का वितरण लक्ष्य भी तय था। कुल मिलाकर लगभग पचास हजार मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य रखा गया था।
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वर्तमान उर्वरक स्टॉक और आगामी तैयारी
खरीफ के लिए वितरण के बाद वर्तमान में यूरिया का 19,316 मीट्रिक टन स्टॉक बचा है। डीएपी का 14,967 मीट्रिक टन, एमओपी उर्वरक का 115 मीट्रिक टन स्टॉक शेष है। एनपीके उर्वरक का 7505 मीट्रिक टन और सुपर फास्फेट का 638 मीट्रिक टन स्टॉक भी उपलब्ध है। अक्तूबर माह के मध्य से रबी की बोआई की तैयारी शुरू हो जाएगी। किसान इसके बाद खाद का इंतजाम करने लगेंगे।
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रबी की फसलों की बोआई पंद्रह अक्तूबर के बाद शुरू होगी। अभी जनपद में पर्याप्त खाद है। जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध कराई जाएगी। रंजीत चौरसिया, जिला कृषि अधिकारी