ललितपुर। कृषकों के बैंक खाते में अब सूखा राहत राशि सीधे पहुंचेगी। शासन ने चेक की जगह ई-पेमेंट के माध्यम से सूखा राहत राशि के भुगतान का निर्णय लिया है, जिससे सुविधा शुल्क के बढ़ते प्रचलन पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
बुंदेलखंड का अन्नदाता लगातार दो साल से प्राकृतिक आपदाओं को झेलता आ रहा है। पहले अतिवृष्टि, ओलावृष्टि उसके बाद सूखे ने कृषकों की कमर तोड़कर रख दी है। ऐसे में कृषक राहत के लिए शासन की ओर निहार रहा है। शासन प्रभावित कृषकों को राहत पहुंचाने के लिए मुआवजे का वितरण कर रहा है। जिले में अभी तक साढे़ चार करोड़ रुपये का वितरण किया जा चुका है। इस दौरान तमाम गड़बड़ियों की शिकायतें प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधियों को प्राप्त हुई थीं। दलालों की सक्रियता के कारण सुविधा शुल्क का चलन बढ़ा है, जिससे प्रभावित कृषकों को समय से राहत नहीं मिल पाई है। शासन ने भेजी दूसरी किश्त की धनराशि को ई-पेमेंट के माध्यम से वितरण के निर्देश दिए हैं। इसके तहत अब चेक की जगह कृषकों के बैंक खाते में सीधे धनराशि हस्तांतरित की जाएगी। दूसरी किस्त में 103.29 करोड़ रुपये की धनराशि दी गई है। जनपद की सभी तहसीलों में राजस्व कर्मी प्रभावित कृषकों की सूची तैयार कर रहे हैं। इस सूची के फाइनल होते ही कृषकों के बैंक खाते में धनराशि के हस्तांतरित होने की संभावना है।
ललितपुर तहसील अंतर्गत सूखा राहत के 28 करोड़ रुपये वितरित करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसमें आठ कंप्यूटरों की मदद ली जा रही है। कोषागार के माध्यम से राहत राशि कृषकों के बैंक खाते में जाएगी।
- अवधेश निगम, तहसीलदार
सूखा राहत राशि प्रभावित कृषकों के बैंक खाते में सीधे भेजी जा रही है। एक-दो दिन में कृषकों के खाते में धनराशि पहुंच जाएगी।
- एमके त्रिवेदी, अपर जिलाधिकारी